राज्यपाल ने विधानमंडल के संयुक्त सत्र को किया संबोधित
हैदराबाद। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Governor Shiv Pratap Shukla) ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे तेलंगाना का निर्माण कर रही है जो नवाचार में अग्रणी, कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षित आश्रय तथा विश्व के लिए एक आदर्श मॉडल बने। तेलंगाना विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को प्रारम्भ हुआ, जिसकी शुरुआत राज्यपाल के दोनों विधान सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से हुई। तेलंगाना विधानमंडल के संयुक्त सत्र में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कांग्रेस सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्रस्तुत किया तथा तेलंगाना में नेतृत्व संभालने के बाद से उसकी उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने प्रशासन की रणनीतिक रूपरेखा ”तेलंगाना राइजिंग–2047” का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत वर्ष 2047तक राज्य को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि वर्ष 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर (Trillion dollars) की मध्यवर्ती उपलब्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रति व्यक्ति आय 4.18 लाख रुपये होने की संभावना
राज्यपाल ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 17.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है, जिसमें 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर तथा प्रति व्यक्ति आय 4.18 लाख रुपये होने की संभावना है। उन्होंने कहा, ”तेलंगाना एक असाधारण परिवर्तन की दहलीज़ पर खड़ा है। यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का विषय नहीं है—यह एक सशक्त और अधिक सुदृढ़ तेलंगाना के निर्माण का संकल्प है। यह प्रगति का मार्गदर्शक, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और प्रत्येक नागरिक के सपनों को महत्व देने का वचन है।” उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प अटूट है और प्रत्येक नीति, प्रत्येक पहल तथा प्रत्येक सुधार का उद्देश्य अवसरों का सृजन करना, लोगों को सशक्त बनाना और समावेशी विकास को गति देना है।
प्रगति की गति अजेय
उन्होंने कहा कि दृष्टि स्पष्ट है, दिशा निर्धारित है और प्रगति की गति अजेय है। राज्यपाल ने कहा कि तेलंगाना विकसित वैश्विक नगरों और देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा तथा विश्व के सफल मॉडलों से प्रेरणा लेते हुए वर्ष 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य प्राप्त करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार तेलंगाना में आध्यात्मिक धरोहर को सतत पर्यटन विकास से जोड़ते हुए ईको-टेम्पल पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। अगले वर्ष होने वाले गोदावरी पुष्करालु की तैयारी के अंतर्गत बसार से भद्राचलम तक गोदावरी नदी के तटों पर स्थित मंदिरों का विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आधारभूत संरचना और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। इन पहलों के माध्यम से सरकार तेलंगाना की आध्यात्मिक विरासत को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी प्रोत्साहित कर रही है।

परियोजना का प्रथम चरण वर्तमान में कार्यान्वयनाधीन
शिव प्रताप शुक्ल ने आगे कहा कि राज्य सरकार हैदराबाद के पारिस्थितिक गलियारे को पुनर्जीवित करने के लिए 55 किलोमीटर लंबी मूसी रिवरफ्रंट ट्रांसफॉर्मेशन परियोजना पर कार्य कर रही है, जो उस्मान सागर और हिमायत सागर जलाशयों से गांधी सरोवर तक विस्तारित होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना का प्रथम चरण वर्तमान में कार्यान्वयनाधीन है। मूसी नदी के पुनरुद्धार के अंतर्गत गोदावरी चरण–2 और चरण–3 परियोजनाएँ पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं और कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इस परियोजना के माध्यम से उस्मान सागर और हिमायत सागर को जोड़कर मूसी नदी के पुनर्जीवन के लिए 2.5 टीएमसी जल उपलब्ध कराया जाएगा तथा क्योर क्षेत्र को 300 एमजीडी पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
मूसी पुनरुद्धार के अंतर्गत 45 एसटीपी संचालित हो रहे
उन्होंने बताया कि मूसी पुनरुद्धार के अंतर्गत 45 सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) संचालित हो रहे हैं और 39 एसटीपी निर्माणाधीन हैं। शोधित जल का उपयोग डेटा सेंटरों, आउटर रिंग रोड (ओआरआर) के हरितीकरण, औद्योगिक उपयोग तथा निर्माण कार्यों के लिए किया जाएगा। राज्यपाल ने यह भी जानकारी दी कि सरकार मूसी और ईसा नदियों के संगम पर प्रतिष्ठित गांधी सरोवर परियोजना का निर्माण कर रही है, जिसे महात्मा गांधी के विचारों को समर्पित एक विश्वस्तरीय अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
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