हैदराबाद। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) के साथ सोमवार को विधानसभा परिसर में तेलगू तल्ली की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विधान परिषद के अध्यक्ष गुत्ता सुखेंदर रेड्डी, विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का, कई मंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल ने विधानसभा परिसर में स्थित महात्मा गांधी और डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि (Floral Tribute) अर्पित की।
तेलुगु टल्ली कौन है?
Telugu Thalli तेलुगु भाषा और संस्कृति का प्रतीकात्मक रूप माना जाता है। इसे एक देवी के रूप में दर्शाया जाता है, जो तेलुगु लोगों की मातृभाषा, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करती है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कई स्थानों पर तेलुगु थल्ली की प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उनका सम्मान किया जाता है।
तेलुगू में ताली का क्या अर्थ होता है?
तेलुगु भाषा में “ताली” शब्द का अर्थ विवाह के समय दुल्हन के गले में बांधा जाने वाला पवित्र मंगलसूत्र होता है। यह हिंदू विवाह परंपरा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। शादी के समय दूल्हा दुल्हन के गले में ताली बांधता है, जो वैवाहिक संबंध और पति-पत्नी के बंधन का प्रतीक होता है।
तेलुगू थल्ली किसने लिखा था?
तेलुगु थल्ली से संबंधित प्रसिद्ध गीत “मा तेलुगु तल्ली की मल्लेपू दंडा” Sankarambadi Sundarachari ने लिखा था। यह गीत तेलुगु भाषा और संस्कृति की महानता का वर्णन करता है। इसे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विद्यालयों और सरकारी आयोजनों में भी गाया जाता है और इसे तेलुगु गौरव का प्रतीक माना जाता है।
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