खैरताबाद विधायक प्रकरण पर मामला गरमाया
हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी ने खैरताबाद विधायक (Khairatabad MLA) डी. नागेंद्र से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने इसे अवसरवादी राजनीति का सबसे घिनौना रूप बताते हुए दोनों दलों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी (Media Officer) एन. वी. सुभाष ने बुधवार को जारी एक कड़े बयान में कहा कि यह पूरा घटनाक्रम आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से रचा गया एक सुनियोजित राजनीतिक नाटक है।
एंटी-डिफेक्शन कानून का मज़ाक उड़ाने का आरोप
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण ने कांग्रेस और बीआरएस—दोनों द्वारा दलबदल विरोधी कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) का खुलेआम मज़ाक उड़ाए जाने को उजागर कर दिया है। एन. वी. सुभाष ने सवाल उठाया कि बीआरएस के चुनाव चिह्न पर निर्वाचित विधायक डी. नागेंद्र बिना अपनी मूल पार्टी से इस्तीफा दिए कांग्रेस में शामिल होकर लोकसभा चुनाव कैसे लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, यदि यह दलबदल विरोधी कानून की भावना और उद्देश्य का खुला उल्लंघन नहीं है, तो फिर क्या है? उन्होंने कहा कि स्थिति और भी हास्यास्पद तब हो गई जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को बीआरएस की याचिका पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद वही विधायक यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने कभी बीआरएस से इस्तीफा ही नहीं दिया।
दोनों पार्टियों की दोहरी राजनीति को उजागर करती है पूरी घटना
सुभाष ने कहा कि यह पूरी घटना दोनों पार्टियों की दोहरी राजनीति को उजागर करती है, जो एक संवैधानिक सुरक्षा को तुच्छ बना रही हैं—वह कानून जिसे विडंबना यह है कि कांग्रेस ने ही केंद्र में सत्ता में रहते हुए लागू किया था। उन्होंने आगे सवाल किया कि यदि नागेंद्र वास्तव में मानते हैं कि उन्होंने बीआरएस से इस्तीफा नहीं दिया, तो फिर कांग्रेस के बी-फॉर्म और चुनाव चिह्न पर लोकसभा चुनाव लड़ने को वे कैसे उचित ठहराते हैं? उन्होंने व्यक्तिगत हैसियत में चुनाव लड़ने के दावे को निराधार और कानूनी रूप से अस्थिर बताते हुए कहा कि कांग्रेस और बीआरएस दोनों ही संवैधानिक कानून को राजनीतिक मज़ाक बना रहे हैं।
जनता के बीच जाकर नया जनादेश लाएं
एन. वी. सुभाष ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस और बीआरएस के बीच मौन समन्वय (टैसिट कोऑर्डिनेशन) के तहत किया जा रहा है, ताकि विधानसभा अध्यक्ष पर दबाव बनाया जा सके और न्यायपालिका की गरिमा को कमजोर किया जा सके। भाजपा प्रवक्ता ने दोनों दलों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में लोकतंत्र और संविधान का सम्मान करते हैं, तो बीआरएस से कांग्रेस में आए सभी विधायकों से इस्तीफा दिलाकर उन्हें जनता के बीच जाकर नया जनादेश लेना चाहिए।
खैरताबाद किस नगर पालिका के अंतर्गत आता है?
यह हैदराबाद शहर के जीएचएमसी (Greater Hyderabad Municipal Corporation) के अंतर्गत आता है। नगर निगम शहर के प्रशासन, सड़क, जल आपूर्ति, सफाई और नागरिक सुविधाओं का संचालन करता है।
2025 में खैरताबाद गणपति की हाइट कितनी है?
2025 में खैरताबाद गणपति की स्थापना लगभग 60 फीट ऊँची की गई थी। यह विशाल गणेश मूर्ति श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही।
खैरताबाद के विधायक कौन है?
खैरताबाद विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में टी. राजा सिंह विधायक हैं। वे क्षेत्र के विकास, नागरिक समस्याओं और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
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