हैदराबाद। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय, इंदिरा भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह, मीरा कुमार, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) सहित करीब 80 वरिष्ठ नेता और विशेष आमंत्रित सदस्य मौजूद रहे।
नए कानून की खामियों पर विस्तार से चर्चा
बैठक में मुख्य रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर जी राम जी(या वीबी-जी राम जी) किए जाने वाले नए कानून की खामियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, महात्मा गांधी के नाम पर चल रही इस योजना का नाम बदलने के विरोध में देशव्यापी आंदोलन की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।
CWC की स्थापना कब हुई थी?
वर्ष 1920 में इसका गठन किया गया था। इसका उद्देश्य कांग्रेस संगठन के भीतर नीति निर्धारण और निर्णय लेने के लिए एक सर्वोच्च कार्यकारी निकाय तैयार करना था, जो पार्टी की दिशा और रणनीति तय कर सके।
सीडब्ल्यूसी क्या है?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला संगठन यही है। पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसलों पर विचार और अंतिम निर्णय इसी स्तर पर किए जाते हैं।
भारत में सीडब्ल्यूसी क्या है?
देश में यह कांग्रेस पार्टी की शीर्ष समिति के रूप में कार्य करती है। इसमें वरिष्ठ नेता शामिल होते हैं, जो राष्ट्रीय राजनीति, चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मामलों पर सामूहिक रूप से निर्णय लेते हैं।
CWC का फुल फॉर्म क्या है?
Congress Working Committee इसका पूरा नाम है। यह समिति कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी इकाई मानी जाती है और संगठन की रीढ़ के रूप में काम करती है।
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