हैदराबाद। तेलंगाना के राज्यपाल और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (Indian Red Cross Society) के अध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि मानवता की सेवा को जीवन का परम उद्देश्य माना जाना चाहिए और ‘दूसरों की सेवा करने से ही मानव जीवन को सच्चा अर्थ मिलता है।’ भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, तेलंगाना शाखा के तत्वावधान में शुक्रवार को लोक भवन स्थित संस्कृति सामुदायिक हॉल में विश्व रेड क्रॉस दिवस और विश्व थैलेसीमिया दिवस (World Thalassemia Day) मनाया गया। राज्यपाल ने रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी डुनेंट के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्यपाल ने रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया और रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके योगदान की सराहना की।
विश्व रेड क्रॉस दिवस और विश्व थैलेसीमिया दिवस मना
उन्होंने थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को पोषण किट भी वितरित किए और उनके हालचाल पूछे। सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष का विषय, ‘मानवता में एकता,’ समाज को उन लोगों के साथ एकजुटता दिखाने की जिम्मेदारी की याद दिलाता है जो पीड़ित हैं और जरूरतमंद हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी 1920 से समर्पित मानवीय सेवा प्रदान कर रही है और तेलंगाना के सभी 33 जिलों में हजारों सदस्य रक्तदान अभियान, स्वास्थ्य शिविर, आपदा राहत और जनसेवा गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हैं। राज्यपाल ने थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों के साहस और दृढ़ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि नियमित रक्त आधान की आवश्यकता होने के बावजूद, उनका आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
माता-पिता और परिवार के सदस्यों की भी प्रशंसा करते हुए उन्हें इस संघर्ष में बताया गुमनाम नायक
उन्होंने ऐसे बच्चों के माता-पिता और परिवार के सदस्यों की भी प्रशंसा करते हुए उन्हें इस संघर्ष में गुमनाम नायक बताया। उन्होंने कहा कि सीएसआर साझेदारों द्वारा दिए गए सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है, रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है और मानवीय राहत कार्यों को बल मिला है। राज्यपाल ने गांवों से शहरों तक सेवा भावना फैलाने में रेड क्रॉस स्वयंसेवकों और जिला अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए राज्यपाल ने लोगों से सेवा को केवल एक कर्तव्य नहीं बल्कि जीवन के सर्वोच्च मूल्यों में से एक मानने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य भर के नागरिकों से रक्तदान और स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।
मजबूत समाज के निर्माण की दिशा में काम करने का किया आग्रह
उन्होंने सभी से एकता, दया और सेवा के माध्यम से अधिक दयालु और मजबूत समाज के निर्माण की दिशा में काम करने का आग्रह किया। देश में टीबी के मामलों की उच्च दर का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘टीबी मुक्त भारत’ का आह्वान किया था। उन्होंने याद दिलाया कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान टीबी उन्मूलन के प्रयासों को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में निक्षय मित्रों की नियुक्ति की गई थी।
राज्यपाल के विशेष मुख्य सचिव एम. दाना किशोर ने बताया कि पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने राज्य भर में रेड क्रॉस समितियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया था। उन्होंने आगे कहा कि जिला रेड क्रॉस समितियों में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए 15 मई से 15 जून तक एक विशेष सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इसी बीच, कृष्णा साई इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट ने रेड क्रॉस सोसाइटी को 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की।
क्या शिव प्रताप शुक्ल गोरखपुर के रहने वाले हैं?
हाँ, Shiv Pratap Shukla उत्तर प्रदेश के Gorakhpur से जुड़े हुए हैं। उन्होंने लंबे समय तक गोरखपुर क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है और वहीं से उनकी राजनीतिक पहचान बनी।
शिव प्रताप शुक्ल कौन हैं?
Shiv Pratap Shukla भारतीय राजनीतिज्ञ हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे Bharatiya Janata Party के वरिष्ठ नेता रहे हैं तथा सांसद और केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल कौन हैं?
वर्तमान में Himachal Pradesh के राज्यपाल Shiv Pratap Shukla हैं। उन्होंने राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद विभिन्न प्रशासनिक और संवैधानिक कार्यों का संचालन किया है।
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