हैदराबाद। साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस (CTP) ने सप्ताहांत में विशेष नशा वाहन संचालन अभियान चलाया, जिसके तहत 340 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 275 दोपहिया वाहन चालक, 14 तीन पहिया वाहन चालक, 48 चार पहिया वाहन चालक और 3 भारी वाहन चालक शामिल हैं। सभी आरोपियों को अदालत (Court) में पेश किया जाएगा। साइबराबाद पुलिस ने चेताया कि नशे में वाहन चलाना गंभीर अपराध है।

…तो धारा 105 के तहत दर्ज किया जाएगा मामला
यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में वाहन चलाकर घातक दुर्घटना का कारण बनता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (हत्या का दोष लेकिन हत्या के बराबर नहीं) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस धाराओं के तहत 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। पिछले सप्ताह (26 जनवरी से 31 जनवरी) में 257 नशे में वाहन चलाने के मामलों में निपटारा किया गया। इसमें 5 आरोपियों को जेल और जुर्माना दोनों, 12 को सामाजिक सेवा और जुर्माना, और 240 को केवल जुर्माना की सजा दी गई।
भारत का पहला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कौन सा है?
जानकारी के अनुसार भारत का पहला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बेंगलुरु (कर्नाटक) में स्थापित किया गया था। इसकी शुरुआत वर्ष 2001 में हुई थी। इसका उद्देश्य कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल तकनीक से जुड़े अपराधों की विशेष जांच करना था, जिससे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
क्या मैं स्थानीय पुलिस स्टेशन में साइबर अपराध की रिपोर्ट कर सकता हूं?
व्यवहारिक रूप से हाँ, आप अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन में साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि वहां अलग से साइबर क्राइम सेल नहीं है, तो भी पुलिस आपकी FIR दर्ज करेगी और मामले को संबंधित साइबर इकाई या विशेषज्ञ विभाग को आगे भेज दिया जाएगा।
क्या मैं पुलिस शिकायत ऑनलाइन जमा कर सकता हूं?
सुविधा के तौर पर भारत में साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन भी की जा सकती है। केंद्र सरकार ने इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है, जहां ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध और अन्य साइबर मामलों की रिपोर्ट घर बैठे दर्ज की जा सकती है।
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