అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు

Politics : परिसीमन विवाद पर के. कविता की चेतावनी

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: April 17, 2026 • 1:00 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

आंदोलन की दी धमकी

हैदराबाद। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता (Kavita) ने संसदीय सीटों के परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर तेलंगाना को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी की गई तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा। वीडियो संदेश में कविता ने महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से जोड़ने पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला विधेयक का इस्तेमाल परिसीमन (Delimitation) को आगे बढ़ाने के बहाने के रूप में कर रही है।

वर्तमान में तेलंगाना के पास लोकसभा की लगभग 3.13 प्रतिशत सीटें

कविता ने कहा कि वर्तमान में तेलंगाना के पास लोकसभा की लगभग 3.13 प्रतिशत सीटें हैं और इसे किसी भी हाल में कम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इससे बड़े राज्यों को ज्यादा फायदा मिलेगा और तेलंगाना की राजनीतिक आवाज कमजोर हो सकती है। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियां अधिक आबादी वाले राज्यों के पक्ष में हैं, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ रहा है।

कविता ने कहा कि तेलंगाना पहले से ही फंड और राष्ट्रीय परियोजनाओं में भेदभाव झेल रहा है, ऐसे में प्रतिनिधित्व में कमी से स्थिति और खराब होगी। कविता ने चेतावनी दी कि तेलंगाना और दक्षिणी राज्य इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर पुराने तेलंगाना आंदोलन की तरह बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया मांगी और तेलंगाना के भाजपा सांसदों से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर वे राज्य के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

तेलंगाना का राइजिंग विजन क्या है?

राज्य सरकार का उद्देश्य तेलंगाना को तेजी से विकसित और समृद्ध बनाना है। “राइजिंग तेलंगाना” विजन के तहत उद्योग, आईटी, कृषि, सिंचाई और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसका लक्ष्य रोजगार के अवसर बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है, ताकि राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।

भारत का 29वां राज्य कौन सा बना?

तेलंगाना भारत का 29वां राज्य बना था। यह 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश से अलग होकर अस्तित्व में आया। इसके गठन के बाद भारत में राज्यों की कुल संख्या 29 हो गई थी (बाद में कुछ राज्यों के पुनर्गठन से संख्या बदली)।

तेलंगाना विरोध में कितने लोग मारे गए?

राज्य के गठन के लिए लंबे समय तक आंदोलन चला। इस दौरान अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार सैकड़ों लोगों की जान गई, हालांकि सटीक संख्या विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग बताई जाती है। यह आंदोलन कई वर्षों तक चला और अंततः 2014 में राज्य का गठन हुआ।

तेलंगाना का सबसे खूबसूरत शहर कौन सा है?

सुंदरता के आधार पर कोई एक शहर तय नहीं है, लेकिन हैदराबाद को सबसे खूबसूरत और विकसित शहर माना जाता है। यहां ऐतिहासिक स्थल, आधुनिक इमारतें और आईटी हब का अनोखा मेल देखने को मिलता है। इसके अलावा वारंगल और करीमनगर जैसे शहर भी अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#Breaking news #HindiNews #LatestNews Delimitation Controversy Federal Issues K Kavitha Political Allegations Telangana Politics Women Reservation Bill

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.