Telangana : पर्यटन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करें- जूपल्ली कृष्णा राव

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जूपल्ली कृष्णा राव
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हैदराबाद। तेलंगाना के पर्यटन, संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री जूपल्ली कृष्णा राव (Jupally Krishna Rao) ने राज्यभर में चल रही पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें बिना किसी देरी के जनता के लिए उपलब्ध कराया जा सके। सोमवार को हिमायतनगर स्थित तेलंगाना पर्यटन विकास निगम कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में, टीजीटीडीसी अध्यक्ष पटेल रमेश रेड्डी के साथ मंत्री ने राज्य, केंद्र और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने लगभग 274.93 करोड़ रुपये लागत वाली परियोजनाओं की जिला-वार प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। मंत्री ने सभी परियोजनाओं के लिए मासिक समयसीमा (Deadline) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

2047 तक वैश्विक पर्यटन हब का लक्ष्य

बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के तहत उन्होंने पारंपरिक नौकाओं की जगह आधुनिक बोट्स शुरू करने और सोमशिला में अतिरिक्त बोटिंग सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया। पर्यटन आकर्षण बढ़ाने के लिए मंत्री ने रूस और चीन की तर्ज पर ऊंचाई वाले और जलाशयों के पास ‘कैंटिलीवर ग्लास व्यू प्वाइंट’ विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। साथ ही, ऐतिहासिक रामप्पा मंदिर के पास बढ़ते पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कॉटेज निर्माण के प्रस्ताव तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य 2047 तक तेलंगाना को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाना है। इसके लिए छह विशेष पर्यटन क्षेत्रों आध्यात्मिक, विरासत, ईको-वेलनेस, हस्तशिल्प, जल और बौद्ध सर्किट के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं।

आध्यात्मिक सर्किट में प्रमुख स्थल शामिल

आध्यात्मिक सर्किट में यादाद्रि मंदिर, भद्राचलम मंदिर, बासरा मंदिर, वेमुलवाड़ा मंदिर और कालेश्वरम मंदिर जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। विरासत सर्किट में वारंगल किला और चारमीनार जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। ईको-वेलनेस सर्किट में नल्लमाला, नागार्जुन सागर और विकाराबाद क्षेत्र शामिल किए गए हैं, जबकि हस्तशिल्प सर्किट में पोचमपल्ली, नारायणपेट और गदवाल जैसे केंद्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। जल सर्किट में कुंतला और पोचेरा जलप्रपात, जबकि बौद्ध सर्किट में कोंडापुर, फणिगिरी और बुद्धवनम जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।

कलाकारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर भी जोर

मंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ‘हम्पी शैली’ के थिएटर विकसित करने और स्थानीय कलाकारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर भी जोर दिया। साथ ही, पर्यटन विस्तार के साथ स्वच्छता, रखरखाव और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष मुख्य सचिव वाणी प्रसाद, टीजीटीडीसी प्रबंध निदेशक गौतमी, बुद्धवनम विशेष अधिकारी मल्लेपल्ली लक्ष्मैया, पुरातत्व निदेशक अर्जुन राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत में नंबर 1 पर्यटन स्थल कौन सा है?

लोकप्रियता और पर्यटकों की संख्या के आधार पर ताज महल को भारत का नंबर 1 पर्यटन स्थल माना जाता है। यह विश्व धरोहर स्थल अपनी अद्भुत वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। हर साल लाखों देशी और विदेशी पर्यटक यहां घूमने आते हैं, जिससे यह भारत की पहचान का प्रमुख प्रतीक बन चुका है।

पर्यटन का क्या अर्थ है?

किसी व्यक्ति द्वारा मनोरंजन, ज्ञान, धार्मिक या व्यावसायिक उद्देश्य से अपने निवास स्थान से बाहर किसी अन्य स्थान की यात्रा करने की प्रक्रिया को पर्यटन कहा जाता है। इसमें यात्रा, ठहराव और विभिन्न स्थानों की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव शामिल होता है। यह आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण गतिविधि है।

4 प्रकार के पर्यटक कौन से हैं?

पर्यटकों को उनकी यात्रा के उद्देश्य के आधार पर चार प्रमुख प्रकारों में बांटा जाता है—घरेलू पर्यटक, अंतरराष्ट्रीय पर्यटक, धार्मिक पर्यटक और व्यावसायिक पर्यटक। घरेलू पर्यटक अपने ही देश में यात्रा करते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय पर्यटक दूसरे देशों में जाते हैं। धार्मिक पर्यटक तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं और व्यावसायिक पर्यटक काम या व्यापार के सिलसिले में यात्रा करते हैं।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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