हैदराबाद। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को मेडिगड्डा बैराज (Medigadda Barrage) का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, श्रीधर बाबू, अनिल जैन तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बैराज के पिलर संख्या 20, 21 और 22 पर चल रहे जियोटेक्निकल, जियोफिजिकल और जीपीआर (ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार) परीक्षणों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि 520 बोर रिग्स के माध्यम से सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान (Electrical Research) स्टेशन भेजा जाएगा। लैब में जांच के बाद बैराज को हुए नुकसान की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

विशेषज्ञ जांच के बाद ही होंगे मरम्मत कार्य
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सीकेंट पाइल्स से संबंधित पैरेलल क्रॉस-होल सिस्मिक टेस्ट के बारे में भी जानकारी दी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिल्ला बैराजों में आई खामियों को लेकर अब स्पष्टता आ रही है। उन्होंने कहा कि समस्या को समझना ही आधा समाधान है और पूरी स्थिति का आकलन करने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एकत्रित सैंपलों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्यवाही की जाए। साथ ही सभी कार्य राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएं और प्रत्येक चरण में एनडीएसए की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
मेदिगड्डा बैराज किस जिले में है?
मेदिगड्डा बैराज जयशंकर भूपालपल्ली जिला में स्थित है। यह तेलंगाना की प्रमुख सिंचाई परियोजना का हिस्सा है और गोदावरी नदी पर बनाया गया है। इस बैराज का मुख्य उद्देश्य पानी को संग्रहित कर विभिन्न नहरों और पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से कृषि क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जिससे सिंचाई सुविधाओं में सुधार हो सके।
विश्व की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना कौन सी है?
दुनिया की सबसे बड़ी बहु-स्तरीय लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को प्रमुख स्थान दिया जाता है। यह परियोजना तेलंगाना में स्थित है और गोदावरी नदी के पानी को ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इसकी विशाल संरचना और पंपिंग क्षमता इसे विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण बनाती है।
कालेश्वरम लिफ्ट परियोजना क्या है?
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना एक विशाल सिंचाई योजना है, जिसका उद्देश्य गोदावरी नदी के जल को लिफ्ट तकनीक के माध्यम से ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पहुंचाना है। इस परियोजना में कई बैराज, पंप हाउस और नहरों का निर्माण किया गया है। इसका लक्ष्य लाखों एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा देना, पेयजल उपलब्ध कराना और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी सुनिश्चित करना है।
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