मंत्री ने सचिवालय में बंदोबस्ती सीजीएफ समिति की बैठक में भाग लिया
हैदराबाद। तेलंगाना बंदोबस्ती, वन और पर्यावरण मंत्री कोंडा सुरेखा ने कहा कि राज्य भर में मंदिर पर्यटन को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। मंत्री ने जोर देकर कहा कि बंदोबस्ती विभाग के अधिकारियों को इस मुद्दे पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस बार वारंगल के भद्रकाली मंदिर में आषाढ़ बोनालु को भव्य तरीके से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
सीजीएफ फंड का पारदर्शी तरीके से उपयोग करने का निर्देश
उन्होंने कहा कि उनका इरादा राज्य के हर त्योहार और संस्कृति को लोगों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमारे राज्य के लोगों को धार्मिक सोच की ओर ले जाने के लिए पूरा प्रयास करेगी। मंत्री सुरेखा ने अधिकारियों को मंदिरों के व्यापक विकास के लिए सीजीएफ फंड का पारदर्शी तरीके से उपयोग करने का निर्देश दिया। शुक्रवार को डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना सचिवालय में बंदोबस्ती विभाग सीजीएफ समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मंत्री सुरेखा ने की, जिसमें धर्मस्व विभाग की प्रधान सचिव शैलजा रामैयार, धर्मस्व विभाग के निदेशक वेंकट राव, अतिरिक्त आयुक्त कृष्णवेणी, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, ईओ और सीजीएफ समिति के सदस्य शामिल हुए।
मंत्री कोंडा सुरेखा ने छोटे मंदिरों को जाने वाले फंड की समीक्षा की
मंत्री कोंडा सुरेखा ने राज्य में छोटे मंदिरों के विकास के लिए दिए जाने वाले फंड की समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि मंदिरों के विकास के लिए विभाग के ईओ और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रयास जरूरी हैं। सीजीएफ के तहत अधिकारियों ने मंत्री सुरेखा को छोटे मंदिरों के विकास के लिए दिए जाने वाले फंड के बारे में बताया। मंत्री ने बजट स्वीकृतियों और सीजीएफ फंड के लिए प्राप्त अपीलों पर अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की।
शुक्रवार को आयोजित सीजीएफ बैठक में कुल 72.47 करोड़ रुपये की 297 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इस अवसर पर बोलते हुए मंत्री सुरेखा ने कहा कि ईओ को राज्य सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर सीजीएफ कार्यों में लापरवाही ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सीजीएफ कार्यों के लिए प्रस्ताव दो बार न भेजे जाएं। यदि कोई प्रस्ताव है तो उसे एक बार में ही भेज दिया जाए।

ईओ फील्ड में गहनता से जांच कर उचित अनुमान तैयार करें: कोंडा सुरेखा
उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त अनुमान बड़ी संख्या में न भेजे जाएं, बल्कि फील्ड स्तर पर जांच कर सही अनुमान बनाए जाएं। ईओ फील्ड में गहनता से जांच कर उचित अनुमान तैयार करें। मंदिर पर्यटन सर्किट पर कवायद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रदेश के मंदिरों में श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और मंदिरों के विकास तथा आय के स्रोतों को बढ़ाने की योजना बनाकर आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि मंदिर पर्यटन सर्किट पर और अधिक कवायद की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक जिले के तीन प्रमुख मंदिरों को मिलाकर एक सर्किट बनाने की योजना बना रहे हैं और यह प्रक्रिया तीन चरणों में की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रसिद्ध मंदिरों में ले जाने के अलावा रास्ते में आने वाले पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने की भी योजना बना रहे हैं।