लखनऊ । समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता माने जाने वाले गुलशन यादव (Gulsan Yadav) की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। उन पर हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 53 मुकदमे दर्ज हैं। गंभीर आरोपों के बावजूद यूपी पुलिस अब तक गुलशन यादव को पकड़ने में नाकाम रही है। उनकी गिरफ्तारी पर पहले 50 हजार रुपये का इनाम था, जिसे अब प्रयागराज जोन (Pryagraj Zone) के एडीजी संजीव गुप्ता ने बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है।
पुलिस की छापेमारी और विशेष टीमें सक्रिय
प्रतापगढ़ पुलिस (Pratapgarh Police) ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। एएसपी संजय राय ने बताया कि गुलशन यादव की तलाश दिन-रात जारी है और जनता से भी सहयोग मांगा गया है।
3 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 7 करोड़ का आदेश
पुलिस ने गुलशन यादव की अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जिसमें लखनऊ और प्रतापगढ़ के मकान व प्लॉट शामिल हैं। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुल 7 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी हुआ है।
1998 से दर्ज मामलों की जांच जारी
पुलिस गुलशन यादव के 1998 से अब तक दर्ज सभी मामलों की गहन जांच कर रही है। ज्यादातर केस प्रतापगढ़ और प्रयागराज में दर्ज हैं।
कभी राजा भैया के करीबी, अब अखिलेश के नजदीकी
गुलशन यादव कभी राजा भैया (रघुराज प्रताप सिंह) के करीबी माने जाते थे। 2022 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुंडा सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। फिलहाल वे समाजवादी पार्टी के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष हैं और अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं।
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