नई दिल्ली। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने शुक्रवार को जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी किए। वैश्विक मंदी और ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ दबाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की। प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा नेताओं ने इस वृद्धि को ‘विकसित भारत’ की दिशा में बड़ा कदम बताय
जयराम रमेश ने किया हमला
वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि तिमाही जीडीपी आंकड़े जारी होने के दिन आईएमएफ ने भारत के राष्ट्रीय लेखा-जोखा सांख्यिकी को ‘सी’ ग्रेड दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF) और निजी निवेश में कोई नई गति नहीं दिख रही, इसलिए इतनी ऊंची जीडीपी वृद्धि टिकाऊ नहीं।
आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल
जयराम रमेश ने आईएमएफ की डेटा क्वालिटी असेसमेंट रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत की आधिकारिक सांख्यिकी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल हैं। वित्त मंत्रालय ने इसके जवाब में कहा कि 8.2 प्रतिशत वृद्धि में निर्माण, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का मजबूत योगदान है।
जयराम रमेश कौन है?
वह राज्यसभा में कर्नाटक राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले संसद सदस्य हैं। जुलाई 2011 में, जयराम को भारत के केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पदोन्नत किया गया और उन्हें ग्रामीण विकास मंत्री तथा नए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय का मंत्री (अतिरिक्त प्रभार) नियुक्त किया गया।
रमेश किस धर्म का नाम है?
रमेश भारतीयों में एक पुरुष प्रधान नाम है। यह विष्णु के संस्कृत नाम रमेश (रमेश) का संक्षिप्त रूप है, जो लक्ष्मी के एक अन्य नाम रामा और शक्ति या स्वामी के अर्थ वाले ईश का संयोजन है। इसका अनुवाद “लक्ष्मी का स्वामी” होता है। यह हिंदुओं, जैनियों, बौद्धों और कुछ ईसाइयों के बीच भी प्रयोग किया जाता है।
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