हैदराबाद। साइबराबाद साइबर क्राइम पुलिस (Cyber Crime Police) ने एक अंतर्राज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया जो ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम (Trading scam) ऑपरेटरों को म्यूल बैंक खाते, चेकबुक और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। बीएनएस और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरोहबैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध करवाता था फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालकों को
जांच में पता चला कि गिरोह बैंक खाते और सिम कार्ड खरीदकर उन्हें फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालकों को देता था, जो पीड़ितों की जमा राशि को इन खातों के माध्यम से भारी कमीशन लेकर स्थानांतरित करते थे। जब्त मोबाइल फोनों की फोरेंसिक जांच में 60 चेक लीफ की तस्वीरें और देशभर के लगभग 400 साइबर धोखाधड़ी मामलों से संबंध सामने आए। गिरफ्तार आरोपियों में वेनिगल्ला श्रीनिवास राव, चिट्टा गणेश, गांडलूरु नवीन कुमार रेड्डी, सतुरी राजेश, मड्डिरल्ला सुधीर और मोहम्मद अशरफ शामिल हैं। यह नेटवर्क कमीशन चेन के रूप में चलता था। प्रत्येक खाते को 10 हजार में बेचा जाता था और लेनदेन के आधार पर प्रति करोड़ रुपये पर 1 लाख रुपए तक का कमीशन कमाया जाता था।
टेलीग्राम आईडी के जरिए विदेशों भेजी जाती थी खातों की जानकारी
पुलिस ने बताया कि मोहम्मद अशरफ कथित तौर पर कई खाते टेलीग्राम आईडी के जरिए विदेशों में मौजूद गिरोह के धोखेबाजों को भेजता था। मामले में 1.09 करोड़ रुपए का सत्यापित नुकसान सामने आया है। पुलिस ने सात मोबाइल फ़ोन, तीन चेकबुक और 11 सिम कार्ड जब्त किए। साइबराबाद पुलिस ने जनता को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या ओटीपी किराए पर देने या साझा करने के खतरों के प्रति चेताया और बताया कि यह एक दंडनीय अपराध है।
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