इस्लामाबाद,। पाकिस्तान राजनीतिक और आर्थिक कारणों से अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। इसकी मुख्य वजह जहां पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की गिरफ्तारी को लेकर लगातार हो रहे विरोध को बताया जा रहा है, वहीं खैबर पख्तूनख्वा में लगातार हो रहे हमलों से भी हालात बद से बदतर होते चले जा रहे हैं।
बहुआयामी संकटों का असर
बहुआयामी संकटों से गुजर रहा पाकिस्तान—राजनीतिक अस्थिरता, सुरक्षा तंत्र की कमजोर पकड़ और पड़ोसी देशों के साथ बिगड़ते रिश्ते, सभी मिलकर हालात को और पेचीदा बनाए हुए हैं।
प्रधानमंत्री और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज की भूमिका
ऐसे हालात में राजनीतिक स्तर पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Sahbaz Shariff) अपनी कमजोर होती पकड़ को बचाए रखने के लिए हरसंभव कोशिशें कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर संवैधानिक रूप से अत्यधिक शक्तिशाली बनाए जा चुके आसिम मुनीर ने अपनी आक्रामक नीति को अमल में लाना शुरू कर दिया है।
आसिम मुनीर का आक्रामक रुख
चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का पद संभालते ही मुनीर (Munir) ने न सिर्फ सेना में नए आदेश लागू कर दिए, बल्कि पड़ोसी अफगानिस्तान को भी सीधे तौर पर कठोर संदेश देते हुए कार्रवाई का भय बनाने की कोशिश की। मुनीर ने हाल ही में तालिबान सरकार को चेतावनी दी कि वह पाकिस्तान या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) में से एक को चुन ले।
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टीटीपी के हमले और सुरक्षा स्थिति
यह बयान क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने वाला साबित हुआ। अफगानिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन टीटीपी ने खैबर पख्तूनख्वा में बड़े हमले किए। कुर्रम ज़िले के मनाटो इलाके में हुए हमले में 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए और 7 घायल हुए। इसके अलावा, नॉर्थ वज़ीरिस्तान में असिस्टेंट कमिश्नर शाह वली के वाहन को निशाना बनाकर 5 लोगों की हत्या की गई।
टीटीपी और पाकिस्तान के संबंध
टीटीपी लंबे समय से पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर हमले करता रहा है। सरकार और सेना इसके खिलाफ कई सैन्य अभियानों की घोषणा कर चुकी है, लेकिन संगठन पर अब तक काबू पाने में विफल रही है। टीटीपी को पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया है, जबकि पाकिस्तानी नेतृत्व लगातार आरोप लगाता रहा है कि संगठन के लड़ाकों को अफगानिस्तान से पनाह और समर्थन मिलता है।
अफगान तालिबान का रुख और द्विपक्षीय तनाव
अफगान तालिबान इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताते हैं। इस आरोप-प्रत्यारोप ने दोनों देशों के रिश्तों में वर्षों से तनाव बनाए रखा है। ऐसे माहौल में आसिम मुनीर का हालिया बयान स्थिति को और संवेदनशील बना सकता है।
इमरान खान पाकिस्तान जेल में क्यों है?
9 मई 2023 को, पूर्व प्रधानमंत्री और राजनेता इमरान खान को अल-कादिर ट्रस्ट के संबंध में भ्रष्टाचार के आरोपों पर राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा इस्लामाबाद में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के अंदर से गिरफ्तार किया गया था, जिसके मालिक वह अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ हैं।
इमरान खान को पीएम पद से क्यों हटाया गया
?10 अप्रैल को अविश्वास प्रस्ताव 342 में से 174 वोटों के बहुमत से पारित हो गया, जिसके परिणामस्वरूप खान ने सदन का विश्वास खो दिया और प्रधानमंत्री पद से हट गए। अगले दिन, शहबाज शरीफ को राष्ट्रीय सभा द्वारा निर्विरोध रूप से खान के स्थान पर प्रधानमंत्री चुना गया।
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