Latest News : दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, इन 10 शहरों की हवा सबसे साफ

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एक तरफ जहां दिल्ली-NCR के (Delhi-NCR) लोग प्रदूषण के ‘खतरनाक’ स्तर से जूझ रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर शिलांग, आइजोल, दमोह, श्री विजय पुरम, चेन्नई, मदिकेरी सहित 10 शहरों की हवा ग्रीन जोन में हैं, जहां AQI 50 या फिर उससे नीचे है. इन इलाकों का AQI स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी हानिकारक नहीं है. दिल्ली-NCR सहित कई इलाकों में प्रदूषण डेंजर लेवल पर बना हुआ है, जहां लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।

दिवाली के बाद से ही दिल्ली-NCR की हवा रेड जोन में बनी हुई है. यहां का पॉल्यूशन के दिनों से डेंजर जोन में बना है. सड़क पर जाम, फैक्ट्रियों का धुंआ, पटाखे, पराली और निर्माण कार्य की धूल-मिट्टी का उड़ना दिल्ली प्रदूषण के प्रमुख कारक है. इसके चलते हर साल दिल्ली में कुछ महीनों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है. इन दिनों लोगों को पॉल्यूशन मुक्त शहरों की तलाश रहती है. आज हम ऐसे ही 10 शहरों की बात करने जा रहे हैं, जिनका (AQI) बेहद साफ और सुरक्षित है

शिलांग का AQI सबसे कम

समीर ऐप के मुताबिक, बुधवार को मेघायल की राजधानी शिलांग का AQI सबसे कम दर्ज किया गया है. यहां का AQI-10 बना है, जो कि प्रदूषण की ‘साफ’ कैटेगरी में आता है. यहां इलाका अपने आप में बेहद खूबसूरत है. शिलांग चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है. यहां वार्ड्स लेक, शिलॉन्ग पीक और एलिफेंट फॉल्स जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश के दमोह शहर का AQI-35 रिकाॅर्ड किया गया है।

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दमोह में साफ हवा

दमोह धार्मिक और ऐतिहासिक शहर के तौर पर जाना जाता है. यहां कई सारे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं, जहां हर साल देश-दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. यहां चारों तरफ हरियाली है. कर्नाटक के चिकमंगलूर शहर का नाम भी सबसे कम AQI वाले शहरों की लिस्ट में है. यहां का AQI-40 दर्ज किया गया है।

जानें 8 साफ हवा वाले शहरों के नाम

शहरराज्य/केंद्र शासित प्रदेशएयर क्वलिटी इंडेक्स (AQI)
श्री विजयपुरमअंडमान-निकोबार द्वीपसमूह39
स्टूअर्ट हिल (मेदिकेरी)कर्नाटक39
आइजोलमिजोरम38
चेन्नईतमिलनाडु49
चमराजनगरकर्नाटक44
झांसीउत्तर प्रदेश49
बेंगलुरूकर्नाटक50

जानें क्यों कम है AQI

उपरोक्त शहरों में हरियाली, कम गाड़ियां, टूटी-फूटी एवं धूल भरी सड़कों का कम होना और फैक्टियों से निकलने वाले धुएं में कमी होने जैसे प्रमुख कारणों के चलते प्रदूषण के ग्रीन जोन में हैं. यहां हवा वेहद साफ है. इन इलाकों में लोग साफ हवा में खुलकर ले पा रहे हैं, जबकि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहर प्रदूषण की मार से जूझ रहे हैं।

दिल्ली में प्रदूषण के बारे में क्या?

शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) – जो PM2.5 (फेफड़ों को अवरुद्ध करने वाले महीन कण) और अन्य प्रदूषकों को मापता है – विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित सीमा से 30 गुना अधिक था। प्रदूषण के इस स्तर के संपर्क में आने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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