क्विक कॉमर्स में नया निवेश अध्याय
मुंबई: क्विक कॉमर्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी जेप्टो(Zepto) जल्द ही शेयर बाजार में उतर सकती है। कंपनी ने अपने प्रस्तावित आईपीओ से जुड़े गोपनीय ड्राफ्ट दस्तावेज भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड सेबी(SEBI) के पास जमा कर दिए हैं। इस आईपीओ का संभावित आकार करीब 1.3 अरब डॉलर बताया जा रहा है। इससे संकेत मिलते हैं कि जेप्टो सार्वजनिक बाजार से बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाने की तैयारी में है।
कंपनी का नेतृत्व कर रहे आदित पालिचा(Aadit Palicha) के अनुसार यह कदम विकास की अगली छलांग के लिए उठाया जा रहा है। भारत में तेजी से बढ़ती क्विक डिलीवरी सेवाओं के बीच जेप्टो खुद को मजबूत स्थिति में लाने पर फोकस कर रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह आईपीओ स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अहम साबित हो सकता है।
आईपीओ की तैयारी और रणनीति
जेप्टो(Zepto) इस इश्यू के जरिए करीब 11,000 करोड़ रुपये का नया फंड जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा कुछ हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल के रूप में बेची जाएगी। गोपनीय फाइलिंग का विकल्प कंपनी को इश्यू साइज में लचीलापन देता है।
इस प्रक्रिया से पहले भी कई बड़े स्टार्टअप्स लाभ उठा चुके हैं। इससे कंपनी को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अपने प्रस्ताव में बदलाव करने का अवसर मिलता है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि अंतिम इश्यू संरचना कैसी होगी।
कंपनी की उम्र और बाजार स्थिति
जेप्टो(Zepto) महज चार साल पुरानी कंपनी है और इतनी कम अवधि में आईपीओ लाने की तैयारी इसे अलग बनाती है। कंपनी को हाल ही में शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है। यह इसे नई पीढ़ी की सबसे युवा सार्वजनिक कंपनियों में शामिल कर सकती है।
हालांकि क्विक कॉमर्स सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी तेज है। स्विगी और जोमैटो जैसे स्थापित खिलाड़ियों के बीच जेप्टो ने अपनी तेज डिलीवरी रणनीति से पहचान बनाई है। आने वाले समय में इसकी वित्तीय मजबूती पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
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बैंकर, वैल्यूएशन और भविष्य योजना
इस आईपीओ के लिए मॉर्गन स्टेनली, एक्सिस कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े निवेश बैंक जुड़े हैं। हाल ही में कंपनी ने अपना मुख्यालय सिंगापुर से भारत स्थानांतरित किया है। इससे घरेलू बाजार पर इसके फोकस का संकेत मिलता है।
अलबत्ता पिछले फंडिंग राउंड में जेप्टो का मूल्यांकन करीब 7 अरब डॉलर आंका गया था। कंपनी की योजना 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में लिस्टिंग की है। इससे पहले इसके विस्तार और घाटे-मुनाफे की स्थिति पर चर्चा तेज होगी।
आईपीओ से जेप्टो को क्या लाभ मिलेगा
इससे कंपनी को विस्तार के लिए बड़ी पूंजी मिलेगी। लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और नए शहरों में निवेश आसान होगा। साथ ही ब्रांड की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
निवेशकों के लिए इसमें क्या खास है
क्विक कॉमर्स तेजी से बढ़ता क्षेत्र है। जेप्टो का तेज डिलीवरी मॉडल आकर्षण का केंद्र है। जोखिम के साथ लंबी अवधि में रिटर्न की संभावना भी देखी जा रही है।
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