मुंबई: AIMIM के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील(Imtiaz Jalil) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटाए जाने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी मुस्लिम महिलाओं को गलत नीयत से छूने की कोशिश करेगा, तो उसका हाथ काट दिया जाएगा। जलील का यह बयान उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मंत्री संजय निषाद की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। जलील ने धर्मनिरपेक्ष पार्टियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल नाम की सेक्युलर हैं और मुसलमानों के हक में खड़ी नहीं होतीं।
चुनावी राजनीति और प्रतीकों पर तंज
महाराष्ट्र के जालना में चुनावी प्रचार के दौरान इम्तियाज जलील(Imtiaz Jalil) ने शिवसेना और भाजपा के नेताओं को आड़े हाथों लिया। दरअसल, शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने मकर संक्रांति का हवाला देकर AIMIM के चुनाव चिन्ह ‘पतंग’ पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके जवाब में जलील ने तंज कसते हुए कहा कि अगर पतंग पर रोक लगनी चाहिए, तो महायुति के नेताओं को भी एक महीने तक ‘घड़ी’ (NCP का चुनाव चिन्ह) नहीं पहननी चाहिए। यह बयान महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति में चल रही खींचतान और चुनावी प्रतीकों को लेकर हो रही बयानबाजी को दर्शाता है।
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नीतीश कुमार और डॉ. नुसरत का मामला
पूरे विवाद की शुरुआत 15 दिसंबर 2025 को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई, जहाँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। जब डॉ. नुसरत मंच पर आईं, तो मुख्यमंत्री ने उनके हिजाब पर सवाल उठाया और उसे खींचकर हटा दिया। इस घटना(Imtiaz Jalil) के दौरान मंच पर मौजूद अन्य अधिकारी और नेता हंसते हुए नजर आए, जिससे डॉ. नुसरत काफी असहज हो गईं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने इसे महिला की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए भारी विरोध दर्ज कराया है।
इम्तियाज जलील ने धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) पार्टियों के बारे में क्या आलोचना की है?
इम्तियाज जलील(Imtiaz Jalil) ने कहा कि खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाली कई पार्टियां असल में मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा नहीं करतीं। उनके अनुसार, ये दल आपराधिक तत्वों का समर्थन तो कर लेते हैं, लेकिन जब मुसलमानों के हक की बात आती है, तो वे पीछे हट जाते हैं।
यूपी के मंत्री संजय निषाद के किस बयान पर विवाद हुआ और उन्होंने बाद में क्या किया?
संजय निषाद ने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी कि “अगर कहीं और छू लेते या उंगली पड़ जाती तब क्या करते?” इस बयान पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हल्कों में भारी विरोध होने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर माफी मांग ली थी।
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