वाराणसी । मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) की नगरी काशी में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। प्रशासन का अनुमान है कि इस दौरान चार लाख से अधिक श्रद्धालु वाराणसी पहुंच सकते हैं। उधर प्रयागराज (Paryagraj) में 3 जनवरी से 17 फरवरी तक चल रहे माघ मेले के कारण वहां से काशी की ओर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा होने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है।
महाकुंभ जैसी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) अंशुमान मिश्रा ने बताया कि प्रमुख स्नान पर्वों पर शहर में महाकुंभ (Mahakumbh) की तर्ज पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। भारी और बड़े वाहनों को शहर की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उन्हें बाहरी इलाकों में ही रोका जाएगा।
आने वाले प्रमुख स्नान पर्व
प्रशासन के अनुसार 18 जनवरी (मौनी अमावस्या), 23 जनवरी (बसंत पंचमी), माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना है। इन तिथियों को देखते हुए शहर के अंदर और बाहर कई स्थानों पर अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
संवेदनशील इलाकों में सख्त नियंत्रण
भीड़ नियंत्रण के तहत सोनारपुरा से गोदौलिया की ओर किसी भी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जरूरत पड़ने पर अग्रवाल तिराहे से अस्सी की ओर जाने वाले वाहनों को भी रोका जाएगा। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, नमो घाट और रविदास घाट पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखी जा रही है।
ऑटो-ई-रिक्शा तय रूट पर ही चलेंगे
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को केवल निर्धारित रूट पर ही संचालन की अनुमति दी गई है। हालात बिगड़ने पर इन्हें भी डायवर्ट या अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए होल्डिंग एरिया
माघ मेले और मकर संक्रांति की भीड़ को देखते हुए मिर्जामुराद, रोहनिया, राजातालाब, रामनगर और लंका क्षेत्र में होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर स्कूल परिसरों में बड़े वाहनों को खड़ा कराया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, ताकि पर्व के दौरान व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
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