प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित वार्षिक माघ मेला (Magh Mela) अपने सबसे महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध चरण में प्रवेश कर चुका है। एकादशी के पावन अवसर पर कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद त्रिवेणी संगम के तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर देशभर से आए तीर्थयात्रियों ने आस्था की डुबकी लगाई।
अब मकर संक्रांति स्नान पर प्रशासन का फोकस
पौष पूर्णिमा के सफल आयोजन के बाद अब प्रशासन का पूरा ध्यान 15 जनवरी को होने वाले मकर संक्रांति स्नान पर है, जिसे माघ मेले का दूसरा सबसे बड़ा स्नान पर्व माना जा रहा है।
मकर संक्रांति पर एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं की उम्मीद
3 जनवरी को पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) के अवसर पर करीब 31 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था, जबकि मकर संक्रांति पर यह संख्या एक करोड़ से अधिक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले लगभग तीन गुना हो सकती है।
12 हजार फीट लंबे स्नान घाट, व्यापक व्यवस्थाएं
भीड़ को देखते हुए संगम तट पर करीब 12,100 फीट लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं। महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, शौचालय और समर्पित रास्तों जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में गोल्फ कार्ट (Golf Cart) और बाइक-टैक्सी सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को राहत मिल सके।
अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था, एआई कैमरों से निगरानी
सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन ने टाइट सिक्योरिटी मॉडल लागू किया है। पूरे मेला क्षेत्र को 17 पुलिस स्टेशन जोन और 42 चौकियों में बांटा गया है। यूपी पुलिस, पीएसी, जल पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है। 400 से अधिक एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
स्वच्छ जल और स्वच्छ मेला पर विशेष जोर
संगम में स्वच्छ जल प्रवाह के लिए कानपुर के गंगा बैराज से रोजाना 8,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नदियों में गिरने वाले 81 नालों को पूरी तरह बंद किया गया है।
स्वच्छ माघ मेला के लिए व्यापक इंतजाम
‘स्वच्छ कुंभ, स्वच्छ माघ मेला’ के संकल्प के तहत 3,300 से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र को जीरो-डिस्चार्ज और ओपन डिफेकेशन फ्री बनाने के लिए 25,000 से अधिक शौचालय स्थापित किए गए हैं।
ठंड से राहत और स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट
भीषण ठंड को देखते हुए जगह-जगह अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्थायी अस्पताल और एंबुलेंस 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं।
यातायात व्यवस्था में भी किए गए बड़े इंतजाम
यातायात प्रबंधन के तहत शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए एक लाख वाहनों की क्षमता वाले 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
स्नान का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी और मकर संक्रांति के दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है।
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