व्हाइट हाउस के भीतर मतभेद और लीक रिकॉर्डिंग
वाशिंगटन: अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज की एक सीक्रेट ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक(India) होने से सनसनी फैल गई है। इस रिकॉर्डिंग में क्रूज ने दावा किया है कि भारत के साथ ट्रेड डील न हो पाने के पीछे मुख्य कारण उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और व्हाइट हाउस(White House) के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो का विरोध है। क्रूज के अनुसार, कभी-कभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस प्रक्रिया में देरी की। यह बातचीत 2025 की एक निजी बैठक की बताई जा रही है, जिससे ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और फ्री-ट्रेड समर्थकों के बीच की अंदरूनी कलह सामने आ गई है।
टैरिफ को लेकर ट्रम्प और क्रूज के बीच तकरार
रिकॉर्डिंग के मुताबिक, सीनेटर क्रूज ने राष्ट्रपति ट्रम्प(Trump) को अप्रैल 2025 में लगाए गए भारी टैरिफ के खिलाफ चेतावनी दी थी। क्रूज ने कहा कि अगर इन फैसलों से महंगाई बढ़ी, तो रिपब्लिकन पार्टी नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों में हाउस और सीनेट दोनों हार सकती है। क्रूज ने आशंका जताई कि किराना सामान की कीमतों में 10-20% की बढ़ोतरी होने पर ट्रम्प को महाभियोग(India) (Impeachment) का भी सामना करना पड़ सकता है। दावों के अनुसार, जब क्रूज ने यह चिंता जताई, तो ट्रम्प ने काफी तल्ख अंदाज में उन्हें चुप करा दिया था।
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रूसी तेल और टैरिफ का पेच
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में सबसे बड़ी अड़चन 50% टैरिफ है। इसमें से 25% टैरिफ रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण पेनाल्टी के रूप में लगाया गया है। हालांकि, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि चूंकि भारत ने रूस(India) से तेल खरीद कम कर दी है, इसलिए यह 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाया जा सकता है। इससे पहले अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने डील रुकने का कारण पीएम मोदी द्वारा फोन न करना बताया था, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
टेड क्रूज की लीक रिकॉर्डिंग में जेडी वेंस के बारे में क्या कहा गया है?
रिकॉर्डिंग में टेड क्रूज ने दावा किया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत के साथ ट्रेड डील में सबसे बड़ी अड़चन पैदा कर रहे हैं और वे इस मामले(India) में टकर कार्लसन जैसे कंजर्वेटिव विचारकों के प्रभाव में काम कर रहे हैं।
अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ क्यों लगाया है?
अमेरिका ने 25% टैरिफ ‘जैसे को तैसा’ (Reciprocal) नीति के तहत लगाया है, जबकि बाकी 25% टैरिफ भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने की सजा के रूप में लगाया गया है, जिसे अमेरिका यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में गलत मानता है।
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