जियो-पॉलिटिकल तनाव और बाजार की अस्थिरता बनी बाधा
नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फोनपे(PhonePe) ने अपनी सार्वजनिक मार्केट लिस्टिंग (IPO) की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है। कंपनी ने सोमवार को घोषणा की कि रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व (इजराइल-ईरान) में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण बाजार में भारी उतार-चढ़ाव है। ऐसी स्थिति में निवेशकों का सेंटिमेंट(Sentiment) प्रभावित होता है, जिसे देखते हुए कंपनी ने फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाई है।
भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्धता
फोनपे के सीईओ समीर निगम ने स्पष्ट किया है कि भले ही अभी लिस्टिंग टाल दी गई है, लेकिन कंपनी भविष्य में भारतीय शेयर बाजार(PhonePe) में ही लिस्ट होने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 2016 में शुरू हुई इस कंपनी का सफर बेहद शानदार रहा है। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, फोनपे के पास 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स और 4.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स का एक विशाल नेटवर्क है।
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पेमेंट से लेकर ऐपस्टोर तक फैला कारोबार
फोनपे अब सिर्फ एक यूपीआई (PhonePe) ऐप नहीं रह गया है, बल्कि एक व्यापक फिनटेक ईकोसिस्टम बन चुका है। कंपनी कंज्यूमर पेमेंट्स, मर्चेंट सॉल्यूशंस, लेंडिंग (ऋण), इंश्योरेंस और स्टॉक ब्रोकिंग जैसे कई वर्टिकल्स में काम कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने अपना खुद का ‘इंडस ऐपस्टोर’ भी लॉन्च किया है, जो गूगल प्ले स्टोर को टक्कर देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
फोनपे ने अपना IPO फिलहाल क्यों टालने का फैसला किया है?
इस फोनपे ने वैश्विक स्तर पर चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव (युद्ध जैसी स्थिति) और ग्लोबल शेयर मार्केट में चल रही भारी अस्थिरता के कारण अपने IPO को टालने का निर्णय लिया है।
फोनपे के पास वर्तमान में कितने यूजर्स और मर्चेंट्स का आधार है?
सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, फोनपे के पास 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और कंपनी का नेटवर्क 4.7 करोड़ से अधिक मर्चेंट्स तक फैला हुआ है।
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