हैदराबाद। पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक तलसानी श्रीनिवास यादव (Srinivas Yadav) ने गुरुवार को विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार की पिछड़ा वर्ग (बीसी) कल्याण नीति पर तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कामारेड्डी घोषणा में किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है, जिनमें बीसी वर्ग के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण और प्रतिवर्ष 20,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटन शामिल है। तलसानी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में बीआरएस सरकार ने नौ वर्षों में बीसी कल्याण के लिए लगभग 45,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे। उन्होंने जाति जनगणना की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए बीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही, बजट आवंटन और वास्तविक खर्च के बीच अंतर होने का भी आरोप लगाया। तलसानी श्रीनिवास यादव ने स्पष्ट किया कि बीसी वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष (Conflict) आगे भी जारी रहेगा।
2026 का बजट कब आएगा?
सामान्य तौर पर केंद्रीय बजट हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है। 2026 में भी बजट 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया गया। इस दिन वित्त मंत्री देश की आय-व्यय और नीतियों का विवरण प्रस्तुत करते हैं, जिसमें अगले वित्त वर्ष की योजनाएं और खर्च शामिल होते हैं।
बजट का क्या अर्थ है?
अर्थ सरकार या किसी संस्था की आय और व्यय का अनुमान होता है, जो एक निश्चित अवधि (आमतौर पर एक वर्ष) के लिए बनाया जाता है। इसमें बताया जाता है कि पैसा कहां से आएगा और किस क्षेत्र में कितना खर्च किया जाएगा। यह आर्थिक योजना बनाने और संसाधनों के सही उपयोग के लिए महत्वपूर्ण होता है।
पूरे भारत का बजट कितना है?
कुल बजट हर साल बदलता रहता है। हाल के वर्षों में भारत का केंद्रीय बजट लगभग ₹45 लाख करोड़ के आसपास रहा है। इसमें सरकार के सभी खर्च जैसे रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और योजनाएं शामिल होती हैं। वास्तविक राशि हर वर्ष आर्थिक स्थिति और नीतियों के अनुसार तय की जाती है।
1 फरवरी 2026 का बजट क्या है?
इस दिन पेश किया गया बजट वित्त वर्ष 2026-27 के लिए होता है, जिसमें सरकार की आय, खर्च और नई योजनाओं की घोषणा की जाती है। इसमें टैक्स में बदलाव, विकास योजनाएं, सब्सिडी और विभिन्न क्षेत्रों के लिए फंड आवंटन शामिल रहता है। यह देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
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