हैदराबाद। राज्य के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी (Ponguleti Srinivas Reddy) ने गुरुवार को ”भू भारती” डिजिटल भूमि अभिलेख प्रणाली शुरू करने की घोषणा की। यह नई प्रणाली 2 अप्रैल से कोसगी, अमंगल, वटपल्ली, कुसुमांची और अश्वारावपेट मंडलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की जाएगी। यह पोर्टल पुराने ‘धरनी’ सिस्टम की जगह लेगा। सर्वे, स्टांप और पंजीकरण विभागों को एकीकृत कर तैयार किए गए इस पोर्टल का उद्देश्य भूमि संबंधी सेवाओं को पारदर्शी, सरल और तेज बनाना है। इसके तहत हर भूमि को एक विशिष्ट ”भूधर नंबर” दिया जाएगा, जो आधार संख्या की तरह कार्य करेगा।
इस पोर्टल में ”नागरिक डैशबोर्ड” के माध्यम से भूमि अभिलेख, म्यूटेशन स्थिति, एन्कम्ब्रेंस प्रमाणपत्र, बाजार मूल्य, नक्शे और पंजीकरण विवरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उपयोगकर्ता आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन कर सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। मंत्री ने बताया कि पंजीकरण के दौरान अनिवार्य सर्वे नक्शों से विवाद कम होंगे और हर चरण पर एसएमएस के जरिए जानकारी दी जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। यह पहल मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) के सुशासन और पारदर्शिता के लक्ष्य के अनुरूप मानी जा रही है।
भू भारती पोर्टल कहां लॉन्च हुआ है?
यह पोर्टल तेलंगाना में लॉन्च किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में भूमि से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना और लोगों को ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे जमीन से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं और पारदर्शिता बढ़ती है।
भू भारती ईसी दस्तावेज क्या है?
ईसी (Encumbrance Certificate) एक महत्वपूर्ण भूमि दस्तावेज होता है, जिसमें संपत्ति पर किसी प्रकार का कर्ज, बंधक या कानूनी बोझ दर्ज होता है। भू भारती पोर्टल के जरिए इसे ऑनलाइन देखा और डाउनलोड किया जा सकता है। इससे जमीन की कानूनी स्थिति की जांच करना आसान हो जाता है।
भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए भू भारती पोर्टल लॉन्च कहां हुआ?
भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए यह पोर्टल तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू किया गया है। इसका मकसद जमीन के रिकॉर्ड को एक जगह उपलब्ध कराना और लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से बचाना है। इससे समय की बचत होती है और भ्रष्टाचार में भी कमी आती है।
भू भारती अधिनियम क्या है?
यह एक कानूनी प्रावधान या व्यवस्था से जुड़ा शब्द है, जो भूमि रिकॉर्ड के रखरखाव और प्रबंधन से संबंधित नियमों को दर्शाता है। भू भारती पोर्टल के तहत ऐसे प्रावधानों का उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड को सुरक्षित, पारदर्शी और सही बनाए रखना होता है। इससे नागरिकों को उनकी संपत्ति से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से मिल पाती है।
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