बाजार में भारी गिरावट का रुख
नई दिल्ली: इस हफ्ते सराफा बाजार में सोने और चांदी(Gold-Silver) की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोना प्रति 10 ग्राम ₹4,276 सस्ता(Cheap) होकर ₹1.43 लाख के स्तर पर आ गया है, जबकि पिछले हफ्ते यह ₹1.47 लाख पर था। चांदी की स्थिति और भी खराब रही, जो ₹10,717 टूटकर ₹2.21 लाख प्रति किलो पर बंद हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों(Investors) को अपनी गोल्ड होल्डिंग्स बेचने पर मजबूर कर दिया है।
कीमतों में अंतर के मुख्य कारण
भारत के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव एक जैसे नहीं रहते, इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं। प्रमुख रूप से ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी(Gold-Silver) की लागत, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय किए गए रेट और मांग-आपूर्ति का गणित कीमतों को प्रभावित करता है। उदाहरण के तौर पर, दक्षिण भारत में भारी खपत के कारण थोक खरीदारी पर मिलने वाली छूट का लाभ ग्राहकों को मिलता है, जिससे वहां कीमतें उत्तर भारत के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती हैं।
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निवेशकों के लिए सावधानी और पहचान
कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञों ने खरीदारों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और अल्फान्यूमेरिक कोड(Gold-Silver) की जांच करनी चाहिए ताकि शुद्धता सुनिश्चित हो सके। वहीं चांदी की शुद्धता जांचने के लिए मैग्नेट टेस्ट और आइस टेस्ट जैसे सरल तरीके अपनाए जा सकते हैं। ध्यान रहे कि असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती और उस पर बर्फ रखने से वह बहुत तेजी से पिघलती है।
सोने-चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट का मुख्य वैश्विक कारण क्या है?
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण निवेशक बाजार की अस्थिरता से बचने के लिए सोना बेचकर डॉलर (कैश) इकट्ठा कर रहे हैं। डॉलर की इस बढ़ती मांग की वजह से सोने और चांदी के दाम गिर रहे हैं।
असली चांदी की पहचान घर पर कैसे की जा सकती है?
असली चांदी की पहचान के लिए इसे सफेद कपड़े से रगड़ें; अगर काला निशान आए तो वह असली है। इसके अलावा, असली चांदी में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली चांदी में तांबे जैसी महक आ सकती है।
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