- बंगाल की खाड़ी में विकसित अल्पदाब प्रणाली अब वायुगुंड (Cyclone) में बदलने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस तूफान का नाम “Montha” रखा है, जिसे थाईलैंड ने सुझाया था।
- अगले चार दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि तूफान की दिशा, गति और प्रभाव के लिहाज से यह समय निर्णायक है।
आंध्र प्रदेश तटीय जिलों के लिए चेतावनी:
- तूफान का मुख्य प्रभाव दक्षिण और मध्य आंध्र प्रदेश तट पर रहेगा।
- तिरुपति, नेल्लूरु, प्रकाशम, बापट्ला, गुंटूर और कृष्णा जिलों में भारी से अति-भारी बारिश होने का अनुमान।
- तूफान के केंद्र के नज़दीकी क्षेत्रों में हवाएं 60–90 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।
- तटीय क्षेत्रों में समुद्री लहरों का खतरा उच्च है।

प्रजाजनक सतर्कता:
- तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहले से स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- नदियों के किनारे, तलछट वाले गाँवों और बीच एरिया में जाने से बचने की चेतावनी।
अल्पदाब से तूफान तक:
- मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में अल्पदाब सोमवार तक तूफान में बदल जाएगा।
- आने वाले चार दिनों में कई जिलों में भारी से अति-भारी बारिश की संभावना।
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनेसीमा, कृष्णा, बापट्ला, प्रकाशम, नेल्लूरु और तिरुपति जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना।
AP सरकार की तैयारी:
- गृह मंत्री अनिता ने तूफान के मद्देनजर समीक्षा की।
- जिला प्रशासन, SDRF और NDRF टीमों को अलर्ट पर रखा गया।
- क्षेत्रीय नियंत्रण कक्षों को 24/7 सक्रिय रखा गया।
- लोगों को नियमित रूप से सतर्क किया जाएगा और सोशल मीडिया अफवाहों पर भरोसा न करने की चेतावनी दी गई।
- कमजोर घरों में रहने वालों को पहले से सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में स्थानांतरित करने के निर्देश।
- बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की तुरंत बहाली सुनिश्चित करने के आदेश।
- तूफान और भारी बारिश के दौरान लोगों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह।