खाता खोलने के नियम: अभिभावक और नाबालिग का तालमेल
नई दिल्ली: पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) बच्चों के नाम पर निवेश शुरू करने का एक बेहतरीन जरिया है। नियम के अनुसार, एक अभिभावक(Guardian) (माता या पिता) अपने बच्चे के नाम पर केवल एक ही PPF खाता खुलवा सकता है। यदि परिवार(Family) में दो बच्चे हैं, तो एक बच्चे का खाता पिता और दूसरे का माता खुलवा सकती हैं। यह खाता किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में आसानी से खोला जा सकता है। वर्तमान में सरकार इस योजना पर 7.1% की आकर्षक सालाना ब्याज दर दे रही है, जो सुरक्षित भविष्य के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है।
निवेश की सीमा और मैच्योरिटी: 15 साल का धैर्य
नाबालिग के PPF खाते में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। यहाँ एक महत्वपूर्ण पेच यह है कि अभिभावक के खुद के खाते और बच्चे के खाते को मिलाकर कुल निवेश राशि ₹1.5 लाख सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए। PPF का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, जिसे मैच्योरिटी के बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। जब बच्चा 18 साल का (मेजर) हो जाता है, तब वह एक आवेदन देकर अपने खाते का संचालन खुद संभाल सकता है।
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टैक्स लाभ और फंड कैलकुलेशन: EEE कैटेगरी का फायदा
PPF निवेश ‘EEE’ (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आता है, जिसका अर्थ है कि निवेश की गई राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप बच्चे के नाम पर हर महीने ₹2,000 निवेश करते हैं, तो 15 साल बाद उसे लगभग ₹6.37 लाख मिलेंगे। वहीं, मात्र ₹1,000 महीने के निवेश पर ₹3.18 लाख का फंड तैयार होता है। यह योजना न केवल बचत की आदत डालती है, बल्कि बच्चे की उच्च शिक्षा या अन्य जरूरतों के लिए एक बड़ा कॉर्पस बनाने में भी मदद करती है।
यदि माता और पिता दोनों का अपना PPF खाता है, तो क्या वे दोनों मिलकर एक ही बच्चे के नाम पर अलग-अलग पैसे जमा कर सकते हैं?
एक बच्चे के नाम पर केवल एक ही PPF खाता हो सकता है। माता और पिता दोनों मिलकर उस एक खाते में पैसे जमा कर सकते हैं, लेकिन अभिभावक और बच्चे के खाते की कुल जमा सीमा मिलाकर साल में ₹1.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
क्या बच्चा 18 साल का होने से पहले अपना PPF खाता खुद ऑपरेट कर सकता है?
नहीं, जब तक बच्चा नाबालिग है, तब तक खाता अभिभावक द्वारा ही संचालित किया जाता है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर, बच्चे को बैंक या पोस्ट ऑफिस में केवाईसी (KYC) दस्तावेज जमा करके खाते को अपने नाम पर पूर्णतः ट्रांसफर कराना होता है।
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