मुनाफे में 34% की शानदार बढ़त और ऐतिहासिक विस्तार
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही अडाणी ग्रीन एनर्जी(Adani Green Energy) के लिए बेहद सफल रही है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट(Profit) सालाना आधार पर 34% बढ़कर ₹514 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹383 करोड़ था। तिमाही आधार पर तो कंपनी का मुनाफा 100 गुना से भी अधिक उछला है। इस अवधि में कंपनी का रेवेन्यू भी 16% की वृद्धि के साथ ₹3,094 करोड़ तक पहुंच गया, जो कंपनी की मजबूत परिचालन दक्षता और विकास को दर्शाता है।
प्रदर्शन के मुख्य स्तंभ: तकनीक और विस्तार
अडाणी ग्रीन की इस सफलता के पीछे तीन प्रमुख कारक रहे हैं: वित्त वर्ष 2026 में 5.1 GW की रिकॉर्ड ग्रीनफील्ड क्षमता का जुड़ना, अत्याधुनिक रिन्यूएबल एनर्जी तकनीक का उपयोग, और गुजरात के खावड़ा व राजस्थान जैसे क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन। कंपनी का कामकाजी मुनाफा (EBITDA) भी लगभग 20% बढ़कर ₹2,882 करोड़ रहा, और मार्जिन में भी सुधार हुआ है। विशेष रूप से, खावड़ा में बैटरी स्टोरेज क्षमता 1,376 MWh तक पहुंच गई है, जिसे 2027 तक 10,000 MWh तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
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ऐतिहासिक उपलब्धि और बाजार पर प्रभाव
कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडाणी ने इसे मील का पत्थर बताते हुए कहा कि एक वर्ष में 5.1 GW की क्षमता जोड़ना चीन के बाहर विश्व में किसी भी कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा विस्तार है। इसके साथ ही अडाणी ग्रीन की कुल ऑपरेशनल क्षमता अब 19.3 GW हो गई है। नतीजों की घोषणा के बाद निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जिससे कंपनी के शेयर में 1.02% की बढ़त देखी गई। साल 2026 की शुरुआत से अब तक कंपनी के शेयरों में कुल 21% की तेजी दर्ज की जा चुकी है।
अडाणी ग्रीन एनर्जी की चौथी तिमाही में मुनाफे में कितनी प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसका रेवेन्यू कितना रहा?
चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 34% बढ़कर ₹514 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 16% बढ़कर ₹3,094 करोड़ तक पहुंच गया है।
कंपनी ने अपनी अर्निंग ग्रोथ के लिए मुख्य रूप से कौन से तीन कारण बताए हैं?
कंपनी ने ग्रोथ के तीन प्रमुख कारण बताए हैं: (1) वित्त वर्ष 2026 में 5.1 GW की रिकॉर्ड ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ना, (2) उन्नत रिन्यूएबल एनर्जी तकनीक का उपयोग और प्लांट का मजबूत प्रदर्शन, और (3) गुजरात के खावड़ा तथा राजस्थान में नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत।
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