कॉमर्शियल LPG कोटा बढ़कर 70% हुआ
नई दिल्ली: देश में जारी गैस किल्लत(Gas Crisis) को देखते हुए केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के कोटे को 50% से बढ़ाकर 70% करने का बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के इस आदेश का सीधा लाभ उन क्षेत्रों को मिलेगा जो पूरी तरह गैस ईंधन पर निर्भर हैं। विशेष रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे ज्यादा श्रम वाले (Labour-intensive) उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि उत्पादन और रोजगार पर बुरा असर न पड़े।
PNG शिफ्ट के साथ जुड़ी शर्तें
सरकार ने कोटे में इस 20% अतिरिक्त बढ़ोतरी के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए औद्योगिक ग्राहकों(Gas Crisis) को न केवल तेल कंपनियों (OMCs) के पास पंजीकरण कराना होगा, बल्कि उन्हें पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के लिए भी आवेदन करना अनिवार्य होगा। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य उद्योगों को धीरे-धीरे LPG से हटाकर स्वच्छ और सुलभ नेचुरल गैस नेटवर्क की ओर ले जाना है। हालांकि, जिन उद्योगों को विशेष हीटिंग की जरूरत है, उन्हें इस शर्त से छूट दी गई है।
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सप्लाई चेन पर युद्ध का साया
मिडल ईस्ट में जारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% से अधिक LPG आयात करता है और उसका एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर आता है। इसी सप्लाई चेन में आई रुकावट के कारण देश में ‘प्री-क्राइसिस लेवल’ यानी संकट से पहले वाली स्थिति बहाल करने के लिए सरकार को कोटे में बदलाव करना पड़ा है, ताकि घरेलू सप्लाई सुरक्षित रखते हुए अर्थव्यवस्था के पहिए को थामे रखा जा सके।
सरकार ने किन विशिष्ट क्षेत्रों के लिए LPG कोटे में प्राथमिकता तय की है?
सरकार ने स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाइज, केमिकल्स और प्लास्टिक्स जैसे 6 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। इनमें भी उन इकाइयों को पहले गैस मिलेगी जहाँ मजदूरों की संख्या अधिक है और जो अन्य जरूरी उद्योगों को सहायता प्रदान करते हैं।
20% अतिरिक्त LPG कोटा प्राप्त करने के लिए क्या शर्त रखी गई है?
अतिरिक्त कोटे का लाभ लेने के लिए कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को संबंधित तेल कंपनियों में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपने शहर की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में पीएनजी (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा।
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