पहले दिन ही निवेशकों का भरोसा
मुंबई: शेयर बाजार में जब किसी मजबूत कंपनी का आईपीओ आता है, तो निवेशकों की दिलचस्पी साफ नजर आती है। मुंबई(Mumbai) में पेश हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के आईपीओ(IPO) को भी कुछ ऐसा ही रिस्पांस मिला है। खास तौर पर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने पहले ही दिन इस इश्यू को पूरी तरह भर दिया। बढ़ते सब्सक्रिप्शन आंकड़े और मजबूत संकेतों ने बाजार का ध्यान खींचा है।
पहले ही दिन इस आईपीओ(IPO) को कुल इश्यू साइज के बड़े हिस्से के बराबर बोलियां मिल गईं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल(ICICI Prudential) एएमसी के इस ऑफर को संस्थागत निवेशकों का खास समर्थन मिला, जबकि रिटेल और अन्य श्रेणियों में भी भागीदारी धीरे-धीरे बढ़ती दिखी। भारत(India) के आईपीओ बाजार में इसे मजबूत पेशकश माना जा रहा है, इसलिए शुरुआती रुझान उत्साहजनक हैं।
पहले दिन की बोली और सब्सक्रिप्शन
आईपीओ(IPO) के पहले दिन कुल 7,581 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 5,490 करोड़ रुपये की बोलियां दर्ज की गईं। यानी इश्यू करीब 72 प्रतिशत तक सब्सक्राइब हो गया। सबसे ज्यादा मांग क्यूआईबी श्रेणी में रही, जहां सब्सक्रिप्शन 1.97 गुना तक पहुंच गया।
गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 0.37 गुना और रिटेल निवेशकों में 0.21 गुना का सब्सक्रिप्शन देखा गया। आरक्षित श्रेणी में भी 0.44 गुना की भागीदारी रही। हालांकि अन्य श्रेणियों में गति अपेक्षाकृत धीमी रही, फिर भी शुरुआती आंकड़े बाजार के भरोसे को दिखाते हैं।
एंकर निवेशकों और प्री-आईपीओ की ताकत
आईपीओ से पहले ही कंपनी को प्री-आईपीओ और एंकर बुक के जरिए मजबूत समर्थन मिल चुका था। एंकर निवेशकों से 2,165 रुपये प्रति शेयर के भाव पर करीब 3,021 करोड़ रुपये जुटाए गए। इसमें कई बड़े वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी रही।
इसके अलावा, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए भी कंपनी ने लगभग 4,815 करोड़ रुपये जुटाए। यह संकेत देता है कि संस्थागत निवेशक पहले से ही इस इश्यू को लेकर आश्वस्त थे। इसलिए बाजार में लिस्टिंग को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
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जीएमपी और निवेश की समयसीमा
ग्रे मार्केट में इस आईपीओ का प्रीमियम लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा संकेतों के अनुसार, यह अपर प्राइस बैंड की तुलना में करीब 280 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। इससे लगभग 13 प्रतिशत तक की संभावित बढ़त का संकेत मिलता है।
यह आईपीओ 12 दिसंबर 2025 को खुला है और 16 दिसंबर 2025 तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा। कुल इश्यू साइज 10,602 करोड़ रुपये का है। निवेशक न्यूनतम छह शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, इसलिए समय रहते फैसला लेना अहम माना जा रहा है।
संस्थागत निवेशकों ने इतनी तेजी क्यों दिखाई
क्यूआईबी निवेशक आमतौर पर कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को देखकर फैसला लेते हैं। एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने भरोसा बढ़ाया। साथ ही एएमसी सेक्टर की स्थिर आय ने आकर्षण पैदा किया।
आम निवेशकों के लिए क्या संकेत निकलते हैं
आईपीओ का शुरुआती रिस्पांस सकारात्मक माना जा रहा है। जीएमपी में बढ़ोतरी से लिस्टिंग पर प्रीमियम की उम्मीद बनती है। इसलिए जोखिम समझते हुए निवेशकों को अपने लक्ष्य के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।
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