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Iranian Oil: ईरानी तेल पर सस्पेंस

Author Icon By Dhanarekha
Updated: March 21, 2026 • 4:34 PM
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अमेरिका ने दी छूट, पर ईरान के ‘नो स्टॉक’ दावे ने बढ़ाई उलझन

नई दिल्ली: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट(Iranian Oil) गहरा गया है, जिससे निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल पर 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। इस फैसले के बाद भारत समेत एशिया की बड़ी रिफाइनरियों ने ईरानी कच्चे तेल की खरीद की योजना बनानी शुरू कर दी है। भारतीय रिफाइनरियां वर्तमान में सरकार और वाशिंगटन से भुगतान व्यवस्था (Payment Mechanism) पर स्पष्टता का इंतजार कर रही हैं। माना जा रहा है कि यदि यह तेल बाजार में आता है, तो रूस के बाद ईरान भारत के लिए एक बड़ा ऊर्जा स्रोत बन सकता है

ईरान का चौंकाने वाला दावा: ‘बेचने के लिए तेल नहीं’

जहाँ एक ओर डेटा एनालिटिक्स फर्म ‘Kpler’ का दावा है कि समुद्र में करीब 17 करोड़ बैरल ईरानी तेल टैंकरों में मौजूद है, वहीं ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मुंबई स्थित ईरानी(Iranian Oil) दूतावास ने बयान जारी कर कहा है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए कोई ‘फ्लोटिंग स्टॉक’ या अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध नहीं है। ईरान ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि यह बयान केवल तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और खरीदारों को झूठी सांत्वना देने की एक कोशिश मात्र है।

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होर्मुज संकट और भारत की रणनीति

एशिया अपनी 60% तेल जरूरतों के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर है, लेकिन स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण सप्लाई चेन ठप है। भारत के पास अन्य एशियाई देशों(Iranian Oil) की तुलना में कच्चा तेल भंडार कम है, इसलिए भारत ने पहले ही रूसी तेल की बुकिंग बढ़ा दी है। अब ईरानी तेल को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने रिफाइनरियों की चिंता बढ़ा दी है। यदि ईरान का दावा सच निकलता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकती हैं।

अमेरिका द्वारा ईरानी तेल पर दी गई 30 दिन की छूट की मुख्य शर्तें क्या हैं?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह छूट केवल उन तेल खेपों पर लागू होगी जो 20 मार्च 2026 तक जहाजों में लोड हो चुकी हैं और जिन्हें 19 अप्रैल तक डिलीवर किया जाना है। इसका उद्देश्य युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों को काबू करना है।

फ्लोटिंग स्टॉक’ क्या होता है और इसे लेकर विवाद क्यों है?

फ्लोटिंग स्टॉक उस कच्चे तेल को कहते हैं जो समुद्र में टैंकरों में जमा रहता है और तत्काल बिक्री के लिए उपलब्ध होता है। विवाद इसलिए है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां 14 से 17 करोड़ बैरल तेल समुद्र में होने का दावा कर रही हैं, जबकि ईरान का कहना है कि उसके पास ऐसा कोई स्टॉक नहीं है।

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