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LPG: LPG बनाम PNG: गैस संकट में पाइप वाली गैस क्यों साबित हो रही है ‘वरदान’

Dhanarekha
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LPG: LPG बनाम PNG: गैस संकट में पाइप वाली गैस क्यों साबित हो रही है ‘वरदान’

आयात पर निर्भरता और सप्लाई चेन का संकट

नई दिल्ली: भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी (LPG) आयात करता है, जिसका 90% हिस्सा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज की खाड़ी’ (Strait of Hormuz) से होकर आता है। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण इस समुद्री मार्ग से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है, जिससे देश के कई शहरों में सिलेंडर की किल्लत पैदा हो गई है। इसके विपरीत, पीएनजी (PNG) के मामले में भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% उत्पादन घरेलू स्तर पर ही करता है। यही कारण है कि संकट के इस समय में सिलेंडर उपभोक्ता परेशान हैं, जबकि पाइपलाइन गैस (PNG) का इस्तेमाल करने वालों को निरंतर सप्लाई मिल रही है

घरेलू उत्पादन और पीएनजी का बुनियादी ढांचा

पीएनजी या ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ सीधे गैस फील्ड्स से निकालकर पाइपलाइनों के जरिए आपके किचन तक पहुंचती है। भारत में इसका उत्पादन मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन, असम और त्रिपुरा के फील्ड्स में होता है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल गैस उत्पादन में केजी बेसिन के तीन प्रमुख फील्ड्स की हिस्सेदारी 25% रही है। इसके अलावा, भारत जो गैस आयात भी करता है, उसमें कतर और अमेरिका की बड़ी हिस्सेदारी है, जिससे आपूर्ति के विकल्प एलपीजी के मुकाबले अधिक विविध और सुरक्षित हो जाते हैं।

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सरकार का रुख और भविष्य की योजना

वर्तमान गैस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने उन इलाकों में जहाँ पीएनजी नेटवर्क मौजूद है, लोगों को अगले तीन महीनों के भीतर पीएनजी पर शिफ्ट होने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई काटी जा सकती है। वर्तमान में देश में 33.2 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं के मुकाबले केवल 1.62 करोड़ पीएनजी उपभोक्ता हैं। सरकार का लक्ष्य इस अंतर को कम करना है ताकि अंतरराष्ट्रीय युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से आम नागरिक की रसोई को सुरक्षित रखा जा सके।

एलपीजी की तुलना में पीएनजी संकट के समय अधिक सुरक्षित क्यों मानी जा रही है?

पीएनजी अधिक सुरक्षित है क्योंकि इसका 50% उत्पादन भारत में ही (KG बेसिन, असम, त्रिपुरा) होता है। वहीं एलपीजी 60% आयात की जाती है और इसकी 90% सप्लाई युद्धग्रस्त क्षेत्र ‘होर्मुज की खाड़ी’ से आती है, जिससे इसकी उपलब्धता अस्थिर हो जाती है।

सरकार ने उन इलाकों के लिए क्या आदेश जारी किया है जहाँ पीएनजी उपलब्ध है?

सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, वहां के उपभोक्ता तीन महीने के भीतर पीएनजी कनेक्शन ले लें, अन्यथा उनकी एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बंद की जा सकती है।

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