हैदराबाद । मियापुर पुलिस (Miyapur police) ने स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT ) शमशाबाद के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए हैदराबाद से संचालित एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो नवजात शिशुओं को सुरक्षित बचाया गया और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक आईवीएफ एजेंट भी शामिल है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था गिरोह
माधापुर डीसीपी रितिराज ने बताया कि यह मानव तस्करी गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था और उन्हें पैसों का लालच देकर उनके नवजात बच्चों को हासिल करता था। बाद में इन्हीं शिशुओं को संतानहीन और संपन्न दंपतियों को भारी रकम में बेचा जाता था। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपियों में एक आईवीएफ एजेंट और एक आदतन अपराधी शामिल है, जिनके खिलाफ पहले भी साइबराबाद, राचकोंडा और हैदराबाद में कई मामले दर्ज हैं।
दो नवजातों को बचाया गया
वर्तमान मामले में एक नवजात को गुजरात के अहमदाबाद से और दूसरे को सिद्दीपेट जिले के रामनपेट से बिचौलियों के माध्यम से लाया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में वेमुला बाबू रेड्डी (कडप्पा), वेंकिपल्ली गंगाधर रेड्डी (पूर्वी गोदावरी), धरम लक्ष्मी (कोत्तागुडेम), राम हरि रॉय (बिहार), कुम्मरी हर्षा रॉय (हैदराबाद), संगीता देवी (हैदराबाद), गुडेपु सुजाता (कर्नूल), सुरबोइना अनुराधा (सिद्दीपेट), एसारापु ज्योति (नलगोंडा), वी. माधवी (हैदराबाद) और पोथुला शोभा (नागरकर्नूल) शामिल हैं। दोनों नवजात शिशुओं को सुरक्षित रूप से शिशु विहार, अमीरपेट सौंप दिया गया है। यह गिरफ्तारी एसओटी साइबराबाद और मियापुर पुलिस द्वारा की गई। इस कार्रवाई की निगरानी माधापुर जोन के डीसीपी रितिराज, शमशाबाद डीसीपी बी. राजेश और माधापुर डीसीपी (एसओटी) पी. शोभन कुमार ने की। साइबराबाद पुलिस आयुक्त ने इस सफल अभियान के लिए पुलिस टीमों की सराहना की है।