देवास में रंगों का पर्व होली चंद्रग्रहण के कारण बुधवार को मनाया जाएगा। सोमवार देर रात शहर के अधिकांश स्थानों पर होलिका दहन किया गया। चंद्रग्रहण के सूतककाल के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों के पट पूजा-अर्चना के बाद बंद कर दिए गए हैं।
माता टेकरी स्थित बड़ी माता मंदिर
देवास में माता टेकरी स्थित बड़ी माता मंदिर पर भी होलिका दहन हुआ। देर शाम से ही महिलाओं ने परंपरानुसार विभिन्न जगहों पर सजाई गई होलिका (Holika) की पूजा-अर्चना की और विशेष पकवानों का भोग लगाया। शहर में करीब 200 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया गया। होलिका के आसपास आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं और विशेष लाइटिंग की गई, जो आकर्षण का केंद्र रही।
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पुजारियों ने मंदिरों के पट बंद किए
चंद्रग्रहण के सूतककाल (Sutak period) के कारण शहर के प्रमुख मंदिर, जिनमें माता टेकरी स्थित दोनों माता मंदिर और एमजी रोड स्थित खेड़ापति मारुति मंदिर शामिल हैं, सुबह पूजा-अर्चना और आरती के बाद बंद कर दिए गए।
ग्रहण समाप्त होने पर खुलेंगे पट
अब ये मंदिर शाम को चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद ही खोले जाएंगे, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलेगी। खेड़ापति मंदिर के पुजारी दर्शन उपाध्याय ने बताया कि ग्रहण के चलते मंदिर के पट सुबह 9 बजे से ग्रहण समाप्ति तक बंद रहेंगे। शाम 7 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट पुनः खोल दिए जाएंगे।\
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