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Grahan Ka Asar : ओंकारेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं के लिए 5 घंटे बंद

Surekha Bhosle
Surekha Bhosle
Grahan Ka Asar : ओंकारेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं के लिए 5 घंटे बंद

3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण खंडवा स्थित ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के पट दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक बंद रहेंगे. ग्रहण के बाद मंदिर के शुद्धिकरण और सफाई के पश्चात रात 8 बजे से श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे. मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नया समय-चक्र जारी कर दिया है।

मंगलवार 3 मार्च को देश भर में चंद्रग्रहण (lunar eclipse) का असर दिखाई देगा. खासकर देश के मंदिरों में इसे विशेष रूप से माना जाएगा तथा ग्रहण के नियमों का विधि-विधान से पालन किया जाएगा. चंद्रग्रहण के असर के कारण मध्य प्रदेश में खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक बंद रहेंगे. बताया जा रहा है, कि चंद्रग्रहण के पश्चात शाम 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक मंदिर के साफ-सफाई के बाद रात्रि 8 बजे से श्रद्धालुगण मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर के पुजारियों का कहना है, कि सामान्यतः किसी भी ग्रहण के दौरान (Omkareshwar) ओंकारेश्वर तथा ममलेश्वर मंदिर से पट बंद रहते हैं. ग्रहण समापन के बाद मंदिरों की साफ-सफाई कर उन्हें नर्मदा जल से पवित्र किया जाता है. वहीं, भोले बाबा को स्नान करवाकर उनका जलाभिषेक कर श्रृंगार किया जाता है. फिर भोग लगाकर भगवान की आरती कर श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए आने दिया जाता है

पांच घंटे बंद रहेगा गर्भगृह

ग्रहण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण है, कि गर्भगृह पूरी तरह से सभी के लिए प्रतिबंधित हो. इस दौरान कोई व्यक्ति गर्भगृह में नहीं रहता. इस बार मंगलवार को पढ़ने वाले चंद्रग्रहण के कारण लगभग पांच घंटे के लिए गर्भगृह बंद रहेगा. इस दौरान श्रद्धालु दर्शन नहीं करे सकेंगे. मंदिर के पट दोपहर 3 बजे से लेकर सायं 7 बजे तक बंद रहेंगे।

पहले जारी कर दी गई सूचना

ओंकारेश्वर मंदिर समिति द्वारा चंद्रग्रहण के दौरान दर्शनों पर पाबंदी संबंधित सूचना पहले ही जारी कर दी गई है. ताकि ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालु अकारण परेशान ना हो तथा पट खुलने के बाद वे सरलता से दर्शन कर सके।

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ग्रहण के उपरांत भगवान के दर्शन करने का विधान है, कि सबसे पहले ग्रहण समापन के बाद श्रद्धालु नर्मदा नदी में स्नान करते है. इसके बाद ही वे दर्शन और पूजन करने के लिए मंदिर पहुंचते हैं।

मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी सूचना इस प्रकार है

  • प्रातःकाल मंगला आरती सुबह 04 बजे से 05 बजे तक.
  • दर्शन प्रातः 05 बजे से दोपहर 03 बजे तक फूल / बेलपत्र और जल बाहर लाया जाएगा.
  • गर्भगृह में केवल दर्शन होगे, जलाभिषेक या अन्य पूजन सामग्री अर्पित नहीं होंगे.
  • मध्यान्ह भोग आरती समयानुसार 12:20 बजे से 01:00 बजे तक भोग नहीं लगेगा.
  • मंदिर के पट ग्रहण काल में दोपबर 03 बजे से सायं 07 बजे तक बंद रहेंगे.
  • ग्रहण पश्चात सायं 07 बजे से 08 बजे तक मंदिर शुध्दीकरण एवं सफाई होगी.
  • रात्रि 08 बजे से 10 बजे तक दर्शन प्रारंभ रहेंगे.
  • रात्रि 10 बजे से 10:30 बजे तक शयन आरती होगी.
  • आरती के पश्चात पट बंद होंगे.

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