इंजीनियरों की वापसी से बढ़ी चिंता
Foxconn: चीन ने भारत के साथ रिश्तों में सुधार का संकेत देते हुए सप्लाई और कारोबारी संपर्कों को बहाल करने की बात कही, लेकिन साथ ही उसने अपने करीब 300 इंजीनियरों को अचानक वापस बुला लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत और चीन के बीच सीमाई तनाव कम करने पर सहमति बनी है और दोनों देशों ने सीधी उड़ानों व व्यापारिक संबंधों को फिर से शुरू करने की दिशा में पहल की है।
फॉक्सकॉन(Foxconn) से जुड़े इंजीनियरों की वापसी
ऐपल(Apple) ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसके आईफोन 17 मॉडल भारत में बनाए जाएंगे। इसी दौरान फॉक्सकॉन(Foxconn) की सहायक कंपनी यूजान टेक्नोलॉजी(Yuzhan Technology) ने तमिलनाडु में काम कर रहे लगभग 300 चीनी इंजीनियरों को वापस बुला लिया। सूत्रों के मुताबिक, यह दूसरी बार है जब समूह को ऐसा कदम उठाना पड़ा है।
यूजान टेक्नोलॉजी 13,180 करोड़ रुपये की लागत से डिस्प्ले मॉड्यूल असेंबली यूनिट स्थापित कर रही है। कंपनी पहले ही 1.5 बिलियन डॉलर निवेश की घोषणा कर चुकी है। हालांकि चीन से इंजीनियरों की वापसी से प्रोजेक्ट की रफ्तार पर असर पड़ सकता है, लेकिन कंपनी ने विकल्प भी तलाशने शुरू कर दिए हैं।
रिश्तों में सुधार और नई चुनौतियाँ
भारत और चीन के बीच हाल ही में संबंधों में कुछ नरमी देखी गई है। अमेरिका द्वारा बनाए जा रहे दबाव के बीच दोनों देश आर्थिक मोर्चे पर नजदीक आ रहे हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि चीन ने फॉक्सकॉन(Foxconn) के चेयरमैन यंग लियू से भारत में निवेश पर विशेष रिपोर्ट भी मांगी है।
इसके अलावा, 60 नए चीनी इंजीनियरों को भारत भेजने की तैयारी थी, मगर अब उन्हें रोक दिया गया है। इस बीच ऐपल, फॉक्सकॉन(Foxconn) और भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय से सवाल पूछे गए, लेकिन गुरुवार तक किसी ने प्रतिक्रिया नहीं दी।
असर कितना गंभीर होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार इंजीनियरों की वापसी का तात्कालिक प्रभाव सीमित रहेगा। दरअसल फॉक्सकॉन ने पहले से ही वैकल्पिक योजना बनाई हुई थी। ताइवान और अन्य देशों से इंजीनियरों को बुलाने की तैयारी की जा चुकी है ताकि काम प्रभावित न हो।
फॉक्सकॉन(Foxconn) पहले भी जुलाई में करीब 300 इंजीनियर वापस भेजने की स्थिति का सामना कर चुकी है। इस कारण कंपनी अब ज्यादा सतर्क है और उत्पादन प्रक्रिया पर गहराई से नजर रख रही है।
चीन ने अपने इंजीनियर क्यों वापस बुलाए?
फॉक्सकॉन की सहायक कंपनी यूजान टेक्नोलॉजी ने अचानक 300 चीनी इंजीनियरों को वापस बुला लिया। सूत्रों का कहना है कि यह कदम चीन के दबाव और भारत में निवेश से जुड़ी आंतरिक रिपोर्ट तैयार करने की मांग के चलते उठाया गया है।
क्या इंजीनियरों की वापसी से उत्पादन रुकेगा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि तत्काल प्रभाव सीमित रहेगा। फॉक्सकॉन ने ताइवान और अन्य देशों से इंजीनियरों को लाने की तैयारी पहले से कर रखी है, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो और काम सुचारु रूप से चलता रहे।
भारत-चीन रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?
रिश्तों में नरमी के संकेतों के बीच चीन का यह कदम भारत में संदेह पैदा करता है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर संपर्क जारी है, लेकिन कारोबारी निवेश पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
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