पाकिस्तान के मुद्दे पर Arjun Ram Meghwal ने कांग्रेस को घेरा, बोले- ये समय छीछालेदर करने का नहीं है
पाकिस्तान की ओर से बढ़ते आतंकी खतरे और हालिया घटनाओं को लेकर देश में राजनीतिक माहौल गर्म है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी, को आड़े हाथों लिया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समय एक-दूसरे की आलोचना करने का नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और अखंडता को प्राथमिकता देने का है।
मेघवाल ने क्या कहा?
अर्जुन मेघवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“जब देश एक गंभीर चुनौती का सामना कर रहा हो, तब राजनीतिक छीछालेदर करने से देश का भला नहीं होता।
यह समय एकजुटता दिखाने का है, ताकि पाकिस्तान जैसे मुल्क को कड़ा संदेश दिया जा सके।”
इस बयान के जरिए उन्होंने कांग्रेस नेताओं की आलोचनाओं और सवालों पर करारा जवाब दिया।

क्या है पृष्ठभूमि?
- हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए थे।
- राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सत्र बुलाने की मांग की थी।
- कांग्रेस का आरोप था कि सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख नहीं दिखा रही।
इन्हीं बयानों की प्रतिक्रिया में मेघवाल का यह तीखा बयान सामने आया है।
मेघवाल ने क्यों दिया ऐसा बयान?
- सरकार को लगता है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होनी चाहिए।
- मेघवाल ने कहा कि “आतंकी हमलों में निर्दोष नागरिकों की जान जाती है।
इस पर राजनीति करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।”
कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई?
- कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि विपक्ष का काम सवाल पूछना है और यह आलोचना नहीं बल्कि जागरूकता है।
- साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार को सवालों का जवाब देना चाहिए, भागना नहीं।

राजनीतिक विश्लेषण क्या कहता है?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि
- असली मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा है, लेकिन दलगत राजनीति इस पर हावी हो रही है।
- हर बार जब सीमा पार तनाव बढ़ता है, राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर देते हैं।
- इससे आम जनता का ध्यान असली मुद्दे से हट सकता है।
आगे क्या?
- संसद सत्र बुलाने की मांग पर अब सरकार को निर्णय लेना होगा।
- मेघवाल जैसे मंत्रियों के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार विपक्ष की आलोचना को गैर-जिम्मेदाराना मान रही है।
- हालांकि, दोनों पक्षों को यह समझने की जरूरत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कोई दलगत मुद्दा नहीं है।
Arjun Ram Meghwal के इस बयान से यह स्पष्ट है कि भाजपा सरकार विपक्ष की आलोचना को इस समय अनुचित मानती है।
हालांकि, विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और सवाल उठा रहा है।
ऐसे समय में जनता उम्मीद करती है कि राजनीति से ऊपर उठकर सभी दल एकजुट होकर राष्ट्रहित में खड़े हों।