India ने अब तक पाकिस्तान को मुंबई, उरी, पठानकोट, पुलवामा में लगभग 20 एलआर और डोजियर, डीएनए साक्ष्य भेजे हैं
भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर तनाव का लंबा इतिहास रहा है। India ने बीते वर्षों में कई बड़े आतंकवादी हमलों—जैसे 26/11 मुंबई हमला, उरी अटैक, पठानकोट एयरबेस हमला और पुलवामा हमले—के बाद पाकिस्तान को साक्ष्य सौंपे हैं। इन साक्ष्यों में डीएनए रिपोर्ट्स, कॉल रिकॉर्ड्स, वीडियो फुटेज, आतंकियों के इकबालिया बयान और अन्य डिजिटल सबूत शामिल थे।

अब तक 20 से अधिक डोजियर सौंपे जा चुके हैं
India ने अब तक पाकिस्तान को लगभग 20 से अधिक आधिकारिक दस्तावेज़ (Dossiers) और Letters Rogatory (LRs) सौंपे हैं। ये दस्तावेज़ आतंकियों की पहचान, पाकिस्तान में मौजूद उनके ठिकानों और पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसियों की भागीदारी के प्रमाणों पर आधारित थे।
इनमें मुख्यतः निम्नलिखित घटनाओं से संबंधित सबूत शामिल थे:
- मुंबई 26/11 हमला (2008): अजमल कसाब का इकबालिया बयान, पाकिस्तान से आए फोन कॉल्स की रिकॉर्डिंग, नाव का रूट, डीएनए साक्ष्य।
- पठानकोट हमला (2016): एयरबेस पर हमलावरों के कॉल्स, पाकिस्तानी नंबर, GPS डेटा, और जैश-ए-मोहम्मद की भागीदारी।
- उरी हमला (2016): घुसपैठ के सबूत, बरामद हथियारों पर पाकिस्तानी चिह्न, आतंकियों के शवों से मिले डीएनए नमूने।
- पुलवामा आत्मघाती हमला (2019): आदिल अहमद डार का वीडियो, RDX की जांच रिपोर्ट, जैश के लिंक के प्रमाण।
India की अपेक्षा और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
भारत ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि इन डोजियरों का उद्देश्य पाकिस्तान को अपने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करना है। लेकिन:
- पाकिस्तान अक्सर इन साक्ष्यों को “अपर्याप्त” या “प्रोपेगैंडा” बताकर खारिज करता रहा है।
- जांच के लिए पाकिस्तानी टीमों को भारत बुलाने की बात हुई, लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
डीएनए और डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्य
पुलवामा और उरी हमलों के बाद India ने फॉरेंसिक साक्ष्यों, जैसे कि डीएनए रिपोर्ट्स, विस्फोटक अवशेष, मोबाइल डेटा आदि, की पुष्टि करने वाले वैज्ञानिक रिपोर्ट भी पाकिस्तान को भेजी थीं।
इनमें शामिल थे:
- आतंकियों के फिंगरप्रिंट और डीएनए प्रोफाइल
- फुटेज और कॉल रिकॉर्डिंग, जिनमें पाकिस्तान से निर्देश मिलते पाए गए।
- हथियारों पर मौजूद सीरियल नंबर, जिनका लिंक पाकिस्तान की एजेंसियों से था।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- भारत ने संयुक्त राष्ट्र, एफएटीएफ (FATF) और अन्य वैश्विक मंचों पर भी ये साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।
- FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला और कई बार चेतावनी भी दी।
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की भूमिका को बार-बार उजागर किया है। परंतु, पाकिस्तान की असहयोगी रवैये के कारण कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। भारत के अनुसार, आतंक के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई तभी संभव है जब वैश्विक दबाव पाकिस्तान पर बढ़े और वह अपने “आतंकी नेटवर्क” को खत्म करे।