हालिया चार दिवसीय सैन्य संघर्ष में भारत को पाकिस्तान के सैन्य ठिकाना और हवाई अड्डों को निशाना बनाने में स्पष्ट रणनीतिक बढ़त हासिल हुई है। यह दावा प्रतिष्ठित अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह चित्रों के हवाले से किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह टकराव हाल के दशकों में सबसे बड़ा था, जिसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे की वायु रक्षा प्रणालियों की जांच के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। जबकि दोनों देशों ने भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया, उपग्रह चित्रों से साफ है कि वास्तविक और ठोस क्षति मुख्यतः पाकिस्तान की सैन्य परिसंपत्तियों को हुई है।
सटीक हमले और रणनीतिक बढ़त
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तानी वायु ठिकानों व रक्षा ढांचों पर अत्यधिक सटीक हमले किए। न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि “जहां पाकिस्तान प्रतीकात्मक जवाबी हमले करता रहा, वहीं भारत ने सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाते हुए स्पष्ट बढ़त हासिल की।”
प्रमुख ठिकानों पर हमला

भारत ने कराची के पास स्थित भोलारी एयरबेस पर एक विमान हेंगर को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। इसी तरह, इस्लामाबाद के पास नूर खान एयरबेस पर हमला किया गया, जो पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के बेहद निकट स्थित है। रिपोर्ट में इसे “सबसे संवेदनशील लक्ष्य” बताया गया है।
इसके अलावा सरगोधा, रहीम यार खान, रफीकी, मुरिद, चकलाला, सुक्कुर और चुनीअन जैसे प्रमुख ठिकानों पर भी हमले किए गए। पसरूर और सियालकोट की रडार साइट्स को भी सटीक बमबारी से नुकसान पहुंचाया गया।
पाक दावों पर सवाल
पाकिस्तान द्वारा भारत के उधमपुर एयरबेस को नष्ट करने के दावे पर रिपोर्ट ने सवाल खड़े किए हैं। 12 मई की सैटेलाइट इमेज में वहां कोई स्पष्ट क्षति नजर नहीं आती।
ऑपरेशन सिंदूर की प्रतिक्रिया
भारत ने यह सटीक हमले 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत किए थे। ये कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों के मारे जाने के बाद की गई।
10 मई को युद्धविराम पर सहमति
चार दिनों तक चली इस उच्च तकनीकी संघर्ष के बाद दोनों देशों ने 10 मई को युद्धविराम पर सहमति जताई। रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के दौरान भारत की प्रतिक्रिया अधिक संगठित, तकनीकी और प्रभावशाली रही।