नए सुप्रीम लीडर मुजतबा बंकर में छिपे, शासन में बड़ी दरार
तेल अवीव: इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी चैनल CBS को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि ईरान(Iran) के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई जिंदा तो हैं, लेकिन वे सुरक्षित बंकरों में छिपे हुए हैं। नेतन्याहू के अनुसार, मुजतबा की अपने देश और सत्ता पर वैसी पकड़ नहीं है जैसी उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की थी। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान वर्तमान में अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है, जहाँ शासन के भीतर अलग-अलग गुटों में मतभेद उभरने लगे हैं। कुछ गुट युद्ध जारी रखना चाहते हैं, तो कुछ को जनता के विद्रोह और गिरती अर्थव्यवस्था(Economy) का डर सता रहा है।
मुजतबा की हालत और गुप्त ठिकाने का रहस्य
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजतबा खामेनेई 28 फरवरी को हुए अमेरिका और इजराइल के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी हमले में उनके पिता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। दावा किया गया है कि मुजतबा का इलाज एक सीक्रेट लोकेशन पर चल रहा है, जहाँ डॉक्टरों की एक विशेष टीम तैनात है। हमले में उनके चेहरे और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उन्हें बोलने में भी परेशानी हो रही है। इजराइली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरानी कमांडर भी मुजतबा से मिलने से बच रहे हैं, ताकि इजराइल उनके जरिए मुजतबा के गुप्त ठिकाने का पता न लगा सके।
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परमाणु कार्यक्रम और भविष्य की रणनीति
उन्हाेंने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते हमला नहीं किया गया होता, तो ईरान अगले एक-दो महीने में परमाणु बम बना लेता। हालांकि इजराइली कार्रवाई ने ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट्स और मिसाइल ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाया है, लेकिन उनका परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजराइल और अमेरिका (ट्रम्प प्रशासन) इस बात पर सहमत हैं कि जरूरत पड़ने पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की जा सकती है, ताकि वैश्विक शांति के लिए खतरा बने संगठनों जैसे हिजबुल्लाह और हमास की कमर तोड़ी जा सके।
नेतन्याहू के अनुसार ईरान की वर्तमान स्थिति इतनी कमजोर क्यों है?
नेतन्याहू का मानना है कि पिता अली खामेनेई की मौत के बाद शासन में आंतरिक कलह बढ़ गई है। साथ ही, इजराइल के हमलों से आर्थिक और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है और जनता के बीच बढ़ती महंगाई के कारण भारी असंतोष है, जिससे विद्रोह का खतरा बना हुआ है।
मुजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर क्या दावे किए गए हैं?
दावा किया गया है कि 28 फरवरी के हमले में मुजतबा गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनकी कई सर्जरी हो चुकी हैं, उनके चेहरे पर गंभीर जलन के निशान हैं और उन्हें चलने के लिए कृत्रिम पैर (नकली पैर) की जरूरत पड़ सकती है।
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