IAF Wing : वायुसेना में पायलट कैसे बनें , विंग कमांडर व्योमिका सिंह की तरह

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1. वायुसेना में करियर की प्रेरणा

1.1 प्रेरणा स्त्रोत: विंग कमांडर व्योमिका सिंह

व्योमिका सिंह जैसी महिला अधिकारियों ने भारतीय वायुसेना में महिलाओं के लिए नए द्वार खोले हैं। वह एक रोल मॉडल हैं जो यह साबित करती हैं कि समर्पण और मेहनत से कुछ भी संभव है।

भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह चर्चा में हैं. उन्होंने भारतीय थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रेस ब्रीफिंग की. व्योमिका सिंह को साल 2004 में वायुसेना के फ्लाइंग ब्रांच में शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) मिला था. वह एक जांबाज हेलिकॉप्टर पायलट हैं।

विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन के बाद वायुसेना ज्वाइन किया था. वह NCC कैडेट भी रही हैं. अगर आपको भी विंग कमांडर व्योमिका की तरह वायुसेना में पायलट बनाना है, तो इसके कई तरीके हैं।

2. शैक्षणिक योग्यता

  • 10+2 (फिजिक्स और मैथ्स): अगर आप NDA के माध्यम से पायलट बनना चाहते हैं।
  • स्नातक डिग्री (B.Sc, BE/B.Tech): अगर आप CDS या AFCAT के ज़रिये आवेदन करना चाहते हैं।

3.1 NDA (National Defence Academy) – केवल पुरुषों के लिए

  • उम्र: 16.5 – 19.5 वर्ष
  • शैक्षणिक योग्यता: 10+2 (Physics और Maths)
  • चयन प्रक्रिया: UPSC परीक्षा → SSB Interview → मेडिकल टेस्ट

3.2 CDS (Combined Defence Services) – महिलाओं और पुरुषों के लिए

  • उम्र: 19 – 24 वर्ष
  • योग्यता: स्नातक (B.Sc या Engineering)
  • चयन प्रक्रिया: UPSC परीक्षा → SSB Interview → मेडिकल टेस्ट

3.3 AFCAT (Air Force Common Admission Test) – महिलाओं और पुरुषों के लिए

  • शाखा: Flying Branch
  • उम्र: 20 – 24 वर्ष
  • योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60% अंकों के साथ स्नातक + 10+2 में Physics और Maths अनिवार्य
  • चयन प्रक्रिया: AFCAT परीक्षा → AFSB Interview → मेडिकल टेस्ट

NDA परीक्षा

  • थल सेना, नौसेना और वायुसेना-तीनों सेनाओं में एनडीए के माध्यम से 12वीं पास करने के बाद भर्ती हुआ जा सकता है. वायुसेना और नौसेना में जाने के लिए 12वीं साइंस स्ट्रीम (PCM) से पास होना चाहिए. अब नेशनल डिफेंस एकेडमी में महिलाएं भी जा सकती हैं. एनडीए के लिए उम्र सीमा 16.5 वर्ष से 19.5 वर्ष है. एनडीए के माध्यम से तीनों सेनाओं में स्थायी कमीशन मिलता है।
  • वायुसेना की AFCAT परीक्षा
  • भारतीय वायुसेना अविवाहित पुरुषों और महिलाओं की भर्ती के लिए AFCAT (एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) का आयोजन करती है. इसके जरिए वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में भर्ती होने के लिए उम्र 20 से 24 साल के बीच होनी चाहिए. उम्मीदवारों को साइंस स्ट्रीम से 12वीं (PCM) 50% अंकों से पास होना चाहिए. साथ ही किसी भी स्ट्रीम में 60% अंक से ग्रेजुएशन की डिग्री पास की होनी चाहिए. टेक्निकल ब्रांच के लिए बीटेक किया होना चाहिए. AFCAT के जरिए वायुसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन मिलता है।

CDS मतलब कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज

वायुसेना ही नहीं, तीनों सेनाओं में ऑफिसर बनने का एक रास्ता CDS मतलब कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज भी है. इसके जरिए सेनाओं में शॉर्ट सर्विस कमीशन मिलता है. थल सेना के लिए किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन किया होना चाहिए. जबकि, वायुसेना के लिए 12वीं (PCM) से और किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन किया होना चाहिए. जबकि, नौसेना में जाने के लिए बी.एससी (फिजिक्स, मैथ्स) या इंजीनियरिंग डिग्री होनी चाहिए।

एनसीसी स्पेशल एंट्री स्कीम

एनसीसी स्पेशल एंट्री भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में पायलट बनने का एक विशेष रास्ता है. बीटेक डिग्री होल्डर या फाइनल ईयर स्टूडेंट आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए एनसीसी एयर विंग में सी सर्टिफिकेट किया होना चाहिए. इसमें लिखत परीक्षा नहीं देनी होती. इसकी बजाए सीधे इंटरव्यू होता है. एयरफोर्स सेलेक्शन बोर्ड (AFSB) इंटरव्यू होता है.

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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