सीधे टी-20 वर्ल्ड कप टीम में एंट्री, बुमराह को मानती हैं अपना आदर्श
चंडीगढ़: चंडीगढ़(Chandigarh) की तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा को 12 जून 2026 से शुरू होने वाले विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल किया गया है। नंदनी की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अब तक कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है, लेकिन विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में उनके शानदार प्रदर्शन और हैट्रिक ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। चोट के कारण कुछ घरेलू टूर्नामेंट्स मिस करने के बाद सीधे विश्व कप टीम में जगह बनाना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
जसप्रीत बुमराह और मारिजैन कप्प हैं रोल मॉडल
नंदनी अपनी सफलता का श्रेय कोच राजेश पाठक और अपने परिवार(Family) को देती हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि वह भारतीय दिग्गज जसप्रीत बुमराह और दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर मारिजैन कप्प को अपना आदर्श मानती हैं। वह बुमराह की सटीक गेंदबाजी और मारिजैन के ऑलराउंड प्रदर्शन से प्रभावित हैं। नंदनी के पिता चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाते हैं और उन्होंने अपनी बेटी के क्रिकेट करियर को हर कदम पर सपोर्ट किया है।
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चुनौतियों को पार कर हासिल किया मुकाम
सेक्रेड हार्ट स्कूल से अपनी पढ़ाई और क्रिकेट की शुरुआत करने वाली नंदनी के लिए सफर आसान नहीं था। थाईलैंड में इंडिया-ए के डेब्यू के दौरान चोटिल होना उनके लिए काफी निराशाजनक था, जिसके कारण उन्हें दो डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स से बाहर बैठना पड़ा। हालांकि, परिवार और दोस्तों के मोटिवेशन ने उन्हें वापसी करने की ताकत दी। नंदनी का अब एकमात्र लक्ष्य टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड कप जीतना और लंबे समय तक भारतीय जर्सी में बने रहना है।
नंदनी शर्मा ने क्रिकेट की बारीकियां कहाँ से सीखीं और उनके कोच कौन थे?
उन्हाेंने महज 8-9 साल की उम्र में सेक्टर-26, चंडीगढ़ की एलआईसी एकेडमी से क्रिकेट सीखना शुरू किया था, जहाँ कोच राजेश पाठक ने उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं।
नंदनी के करियर का सबसे मुश्किल या ‘हार्टब्रेकिंग’ पल कौन सा था?
थाईलैंड में इंडिया-ए के डेब्यू मैच के दौरान कैच पकड़ते समय नंदनी का हाथ कट गया था, जिसके कारण वह दो घरेलू टूर्नामेंट्स नहीं खेल पाई थीं। वह उनके लिए सबसे कठिन समय था।
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