हैदराबाद। साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय ऑडिटोरियम में कोर्ट ड्यूटी ऑफिसर्स (सीडीओ ) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता (Cyberabad) पुलिस कमिश्नर डॉ. एम. रमेश, आईपीएस ने की, जबकि संयुक्त पुलिस आयुक्त (Traffic ) डॉ. गजराव भूपाल भी बैठक में उपस्थित रहे।
गंभीर मामलों की स्थिति की समीक्षा की
बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों और लोक अभियोजकों के साथ समन्वय बढ़ाकर अभियोजन दर में सुधार करना था। पुलिस कमिश्नर ने पास्कों , बलात्कार, हत्या और अन्य गंभीर मामलों की स्थिति की समीक्षा की और कहा कि जांच की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि सीडीओ समय पर गवाहों का उत्पादन कराएं, न्यायालय आदेशों का पालन करें और मुकदमों की निगरानी में कोई चूक न हो।
याचिकाएं समय पर दायर करने पर भी जोर दिया
कमिश्नर ने विशेष रूप से सीडीओ, सम्मन / वारंट और कोर्ट लायजनिंग ऑफिसर्स की भूमिका पर जोर दिया। उन्हें निर्देशित किया गया कि समन सही समय पर भेजे जाएं, गवाहों का उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और गैर जमानती वारंट तत्काल लागू किए जाएं। उन्होंने बांड मामलों में तेजी से कार्रवाई करने और वकीलों के साथ समन्वय में बांड रद्द करने की याचिकाएं समय पर दायर करने पर भी जोर दिया।

सुनवाई से पहले सही ढंग से ब्रीफ करने पर भी जोर
बैठक में सीडीओ को कोर्ट मानिटरिंग सिस्टम ऐप और सेंटर आफ एक्सीलेंश एप्लिकेशन में न्यायालय की सुनवाई की अगली तिथि, गवाहों की जानकारी, वारंट की स्थिति और न्यायालय के निपटान की जानकारी रोज़ अपडेट करने के निर्देश दिए गए। एसएचओ को महत्वपूर्ण मुकदमों की पूर्व सूचना देने और गवाहों को सुनवाई से पहले सही ढंग से ब्रीफ करने पर भी जोर दिया गया।
सीडीओ पुलिस थानों और न्यायालयों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु : डीसीपी
बैठक में डीसीपी क्राइम्स ए. मुथ्यम रेड्डी, एडीसीपी (क्राइम्स) राम कुमार, सीसआरबी इंस्पेक्टर क्रांति कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस कमिश्नर ने सीडीओ को याद दिलाया कि वे पुलिस थानों और न्यायालयों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु हैं, और उनकी दक्षता सीधे तौर पर मुकदमों के नतीजों को प्रभावित करती है।
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