हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव (N. Ramachandra Rao) ने बुधवार को मंचेरियल जिले के लक्सेट्टिपेट मंडल में तीन किसानों की मौत के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। बताया गया है कि ये किसान तेज बारिश और आंधी के बीच धान खरीद केंद्रों पर अपनी फसल की रखवाली करते समय मौत का शिकार हो गए। राव ने कड़े शब्दों में इस घटना को “प्रशासनिक विफलता और अयोग्यता” का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया में देरी के कारण किसानों को हफ्तों तक केंद्रों पर रुकना पड़ा, जिससे वे खराब मौसम (Bad weather) के संपर्क में आ गए।
फसल बचाते हुए जान गंवा रहे किसान
उन्होंने मृतक किसानों—गुंडारापु वेंकटेश, तनुगुला अभिराम और लच्छन्ना—के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राव ने कहा, “यह अत्यंत दुखद है कि देश का पेट भरने वाले किसान अपनी फसल बचाते हुए जान गंवा रहे हैं। यह राज्य सरकार की विफलता को दर्शाता है।” उन्होंने सवाल उठाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), मजदूरी, परिवहन और अन्य खर्चों के लिए केंद्र से सहायता मिलने के बावजूद खरीद में देरी क्यों हुई। राव ने मृतकों के परिवारों को तत्काल मुआवजा देने और युद्धस्तर पर फसल खरीद पूरी करने की मांग की।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी लगभग 85% के आसपास मानी जाती है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय लगभग 12–13% के आसपास है, जबकि बाकी प्रतिशत में ईसाई और अन्य धर्म शामिल हैं। यह अनुपात समय के साथ थोड़ा बदल सकता है, लेकिन हिंदू धर्म राज्य में सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति व्यापक रूप से देखी जाती है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
भोजन परंपरा के अनुसार तेलंगाना में चावल मुख्य आहार माना जाता है। यहां की थाली में ज्वार की रोटी (जोंना रोट्टे), सब्जियां, दाल और मसालेदार करी प्रमुख रूप से शामिल रहती हैं। हैदराबादी बिरयानी, हलीम और विभिन्न मांसाहारी व्यंजन भी काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा इमली और मिर्च आधारित तीखे स्वाद वाले पकवान विशेष पहचान रखते हैं। यहां का भोजन स्थानीय संस्कृति और दक्कन शैली का मिश्रण माना जाता है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक दृष्टि से इस क्षेत्र को दक्कन (Deccan Region) का हिस्सा माना जाता है, इसलिए इसे अक्सर दक्कन क्षेत्र से जोड़ा जाता है। आधिकारिक रूप से राज्य का कोई दूसरा नाम नहीं है, लेकिन पुराने समय में यह हैदराबाद राज्य और आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। 2014 में अलग राज्य बनने के बाद इसका नाम केवल तेलंगाना ही है और यही इसकी आधिकारिक पहचान है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :