हैदराबाद। उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का (Deputy Chief Minister Bhatti Vikramarka) ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच पुरानी मित्रता रही है और आने वाले दिनों में यह संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने शुक्रवार को प्रजा भवन में मंत्री श्रीधर बाबू के साथ जर्मन संसद प्रतिनिधिमंडल (German Parliament delegation) से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार आईटी, रक्षा और फ़ार्मा क्षेत्रों में जर्मनी के साथ सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन क्षेत्रों में जर्मनी निवेश करता है तो राज्य सरकार हर संभव समर्थन देगी।
संयुक्त कार्य करने का प्रस्ताव
उन्होंने दोनों पक्षों के बीच पारस्परिक विकास के लिए संयुक्त कार्य करने का प्रस्ताव भी रखा। विक्रमार्का ने बताया कि तेलंगाना कुशल मानव संसाधन जर्मनी भेजने और वहां की धातुकर्म एवं ऑटोमोबाइल निर्माण जैसी प्रतिष्ठित उद्योग प्रणालियों में साझेदारी करने का इच्छुक है। उन्होंने इन संभावनाओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारत फ्यूचर सिटी को गौरवपूर्वक विकसित कर रही है, साथ ही मूसी नदी पुनरुद्धार और कृषि-आधारित क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि हैदराबाद निरंतर आईटी हब के रूप में आगे बढ़ रहा है और इन क्षेत्रों में भी जर्मनी के साथ सहयोग का स्वागत है।
साइबर सुरक्षा को अत्यधिक महत्व देती है राज्य सरकार
आईटी एवं उद्योग मंत्री दद्दिल्ला श्रीधर बाबू ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा को अत्यधिक महत्व देती है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन दृष्टि के साथ साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है और इस क्षेत्र में व्यापक शोध जारी है। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में साइबर सुरक्षा सेल बनाई गई है और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में साइबर गतिविधियों के लिए दो समर्पित फ़्लोर आवंटित किए गए हैं। साथ ही जिलों में भी साइबर सुरक्षा टीमें गठित की गई हैं। मंत्री ने कहा कि आर्थिक अपराधों में लगातार कमी आ रही है तथा वित्तीय साइबर धोखाधड़ी और फ़िशिंग हमलों को रोकने के लिए अत्याधुनिक एआई टूल्स का उपयोग किया जा रहा है।
मल्लू रवि और भट्टी विक्रमार्क के बीच क्या संबंध है?
उन दोनों के बीच का रिश्ता राजनीतिक और पारिवारिक दोनों रूपों में जाना जाता है। मल्लू रवि, भट्टी विक्रमार्क के भाई माने जाते हैं और कांग्रेस संगठन में लंबे समय से साथ काम करते आ रहे हैं। सार्वजनिक जीवन, विचारधारा और सामाजिक कार्यों में भी दोनों की समान भागीदारी है।
बत्ती विक्रमार्क कौन है?
तेलंगाना राजनीति में यह नाम एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता, दलित समुदाय से उभरकर आए जनप्रतिनिधि और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री के रूप में जाना जाता है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी इनकी सक्रिय भूमिका रही है। सामाजिक न्याय, कल्याण योजनाओं और संगठनात्मक मजबूती इनके प्रमुख कार्यक्षेत्र माने जाते हैं।
राजा विक्रमार्क कौन थे?
भारतीय लोककथाओं और इतिहास में यह नाम एक पराक्रमी, न्यायप्रिय और बुद्धिमान शासक के रूप में प्रसिद्ध है। विक्रमार्क को कई कहानियों, विशेषकर वेताल पच्चीसी और सिंहासन बत्तीसी में आदर्श राजा के रूप में वर्णित किया गया है। वीरता, नीति, धर्म और लोककल्याण इनके चरित्र की प्रमुख पहचान मानी जाती है।
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