IRAN- ईरान में सत्ता बदलाव की मांग तेज, प्रिंस रजा पहलवी ने संभाली कमान

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प्रिंस रजा पहलवी
प्रिंस रजा पहलवी
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तेहरान । मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस Reza Pahlavi ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। भावुक वीडियो संदेश में उन्होंने न केवल पड़ोसी अरब देशों पर ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों की निंदा की, बल्कि यह भी कहा कि इस्लामिक गणराज्य के संभावित पतन की स्थिति में वे देश का नेतृत्व करने के लिए जनता के जनादेश को स्वीकार करने को तैयार हैं। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब 28 फरवरी को (United States) और Israel के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता (Ali Khamenei )और कई शीर्ष सैन्य कमांडरों की मौत के बाद देश नेतृत्व संकट से जूझ रहा है।

अरब देशों पर हमलों की कड़ी निंदा

रजा पहलवी ने अपने संबोधन में United Arab Emirates, Bahrain, Qatar, Kuwait, Oman, Jordan, Iraq और (Saudi Arabia) पर दागी गई मिसाइलों को संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया।उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से ईरान का मौजूदा शासन क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता फैलाने के लिए जिम्मेदार रहा है और अब इसका अंत होना जरूरी है। पहलवी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आक्रामक नीति ईरानी जनता की नहीं, बल्कि वर्तमान शासन की है।

संक्रमणकालीन सरकार का प्रस्ताव

क्राउन प्रिंस ने अपने संबोधन में कहा कि वे ईरान में अराजकता नहीं बल्कि व्यवस्थित परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि एक संक्रमणकालीन सरकार बनाई जाए जो प्रशासनिक ढांचे और सरकारी संस्थानों को बनाए रखते हुए देश में स्थिरता सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की सरकार का फैसला किसी विचारधारा के आधार पर नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतपेटी के जरिए होना चाहिए।

अरब देशों से सहयोग की अपील

पहलवी ने अरब देशों से अपील की कि वे संभावित संक्रमणकालीन सरकार को मान्यता दें और क्षेत्र में स्थिरता तथा समृद्धि के लिए सहयोग करें। उनका कहना था कि मध्य पूर्व को एक ऐसे भविष्य की जरूरत है जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें। इस बीच ईरान के अंदर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। Tehran और Isfahan जैसे शहरों में बमबारी की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि सत्ता बचाने की कोशिशों में लगी अस्थायी परिषद को भी घरेलू विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा

इजरायल द्वारा Lebanon में Hezbollah के खिलाफ मोर्चा खोलने और ईरान की ओर से ड्रोन हमलों की खबरों ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका को और बढ़ा दिया है। ऐसे माहौल में रजा पहलवी का खुद को वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में पेश करना ईरान की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

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ट्रंप से जुड़ाव की चर्चा

विश्लेषकों का मानना है कि रजा पहलवी लंबे समय से ईरान में मौजूदा शासन के खिलाफ सक्रिय रहे हैं। अतीत में जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए थे, तब भी उनके समर्थकों की भूमिका की चर्चा हुई थी। पहलवी फिलहाल United States में रहते हैं और राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जाता है कि उन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का समर्थन हासिल है। ऐसे में आने वाले समय में ईरान की सत्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।

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Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

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