दुबई/तेहरान। मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष ने मंगलवार को और उग्र रूप ले लिया। इजरायल ने ईरान (Iran) की राजधानी तेहरान में मिसाइल लॉन्चरों और एक परमाणु अनुसंधान स्थल को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल (Israel) और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे दुबई और दोहा समेत कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
तेहरान और लेबनान में तेज हुए हमले
स्थानीय मीडिया के अनुसार, तेहरान के केंद्रीय इलाकों में कई विस्फोट हुए, जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। शहर के एक हवाई अड्डे को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। वहीं लेबनान (Lebnan) में इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई तेज कर दी है।

800 के करीब मौतें, हालात गंभीर
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान में अब तक लगभग 800 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कई सैन्य अधिकारी और प्रभावशाली व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं। शनिवार से शुरू हुए इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है।
ट्रंप की चेतावनी, बातचीत की संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान के लिए बातचीत की कोशिश करना “बहुत देर” हो सकती है। हालांकि कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, ईरान आज शांति और वार्ता के लिए एक नया प्रस्ताव भेज सकता है, ताकि युद्ध को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
दुबई, दोहा और अबू धाबी में धमाकों की गूंज
रात में दुबई और दोहा में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अबू धाबी में भी विस्फोटों की गूंज महसूस की गई। माना जा रहा है कि ये हमले उन क्षेत्रों को निशाना बनाकर किए गए, जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है।
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समिति मुख्यालय भी बना निशाना
ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान में उस समिति की इमारत पर भी हमला हुआ है, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन से जुड़ी है। इससे पहले भी राजधानी में संबंधित मुख्यालयों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं। लगातार चौथे दिन जारी इस युद्ध ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को गंभीर चुनौती दे दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस संघर्ष को थाम पाएंगे या क्षेत्र में हालात और बिगड़ेंगे।
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