Japan movies China : जापान की प्रधानमंत्री सानाए टकाइची द्वारा ताइवान पर दिए गए हालिया बयान ने चीन–जापान संबंधों में नई तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। इसी विवाद के चलते चीन ने कम से कम दो जापानी फिल्मों की रिलीज़ को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है। सरकारी मीडिया CCTV के अनुसार, Cells at Work! और Crayon Shin-chan: The Movie – Super Hot! The Spicy Kasukabe Dancers की रिलीज़ फिलहाल रोक दी गई है।
डिमॉन स्लेयर की कम होती लोकप्रियता
चीन में जापानी एनीमेशन Demon Slayer: Infinity Castle के टिकट अभी भी बिक रहे हैं, लेकिन दर्शकों के बीच इसका क्रेज़ स्पष्ट रूप से घटा है। CCTV ने बताया कि टकाइची के बयान के बाद चीनी दर्शकों में जापानी फिल्मों के प्रति असंतोष बढ़ा है, जिसका इसका असर टिकट बिक्री पर भी दिख रहा है।
टकाइची के बयान से भड़का विवाद
टकाइची ने हाल ही में बयान दिया था कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है, तो जापान सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। चीन ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है (Japan movies China) और उसे मुख्य भूमि से पुन: जोड़ने की इच्छा लंबे समय से रखता आ रहा है। टकाइची की टिप्पणी को बीजिंग ने खुलेआम चुनौती के रूप में देखा।
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फिल्म वितरकों का फैसला
CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में जापानी फिल्मों के प्रति बदलती दर्शक भावना और बाजार की अनिश्चित स्थिति को देखते हुए फिल्म वितरकों और आयातकों ने रिलीज़ को स्थगित करने का निर्णय लिया।
Crayon Shin-chan फिल्म आने वाले हफ्तों में रिलीज़ होने वाली थी, जबकि Cells at Work! लोकप्रिय मंगा पर आधारित एक लाइव-एक्शन फिल्म है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों फिल्मों को कब रिलीज़ किया जाएगा।
चीन की कड़ी प्रतिक्रिया
टकाइची के बयान के बाद चीन ने अपने नागरिकों को जापान यात्रा से बचने की सलाह दी है और वहां पढ़ रहे छात्रों को सतर्क रहने को कहा है। इसके साथ ही जापान के टूरिज़्म, एयरलाइन और रिटेल सेक्टर के शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि निवेशकों ने चीन की प्रतिक्रिया के प्रभाव का आकलन करना शुरू कर दिया।
चीन–जापान आर्थिक संबंध भी प्रभावित
इस साल के पहले नौ महीनों में लगभग 75 लाख चीनी पर्यटक जापान गए थे, जिससे यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों का मजबूत संबंध है। लेकिन ताइवान मुद्दे पर दोनों देशों की अलग-अलग स्थितियों के चलते यह संबंध भी तनाव में आ गया है।
ताइवान को लेकर बढ़ती दूरी
चीन का मानना है कि ताइवान भविष्य में उसके नियंत्रण में वापस आएगा और वह इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बल प्रयोग से भी पीछे नहीं हटेगा।
दूसरी ओर, ताइवान की अधिकांश आबादी खुद को अलग राष्ट्र मानती है, लेकिन अधिकांश लोग मौजूदा स्थितिन पूर्ण स्वतंत्रता, न चीन के साथ विलय—को बनाए रखने के पक्ष में हैं।
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