IRAN- अमेरिका-ईरान संघर्ष में 3,375 की मौत, हजारों परिवार उजड़े

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तेहरान। ईरान और अमेरिका (America) के बीच 28 फरवरी से जारी संघर्ष ने गंभीर मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। ईरान में अमेरिकी हमलों के कारण अब तक 3,375 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।

मौत के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

ईरान के विधिक चिकित्सा संगठन के प्रमुख अब्बास मस्जेदी (Chief Abbas Masjedi) के मुताबिक, मारे गए लोगों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 383 बच्चे भी हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे कम है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मृतकों में कितने आम नागरिक और कितने सुरक्षा बल के सदस्य शामिल हैं।

नागरिक बनाम सैनिक, आंकड़ों पर उठे सवाल

इन आंकड़ों के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि हमलों में आम नागरिकों का कितना नुकसान हुआ है। खासकर ऐसे समय में जब सैन्य ठिकानों और हथियार भंडारों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

वार्ता पर अनिश्चितता, ईरान का इंकार

सूत्रों के मुताबिक इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका (America) के बीच दूसरे चरण की वार्ता की चर्चा है, लेकिन ईरान ने फिलहाल बातचीत से इंकार कर दिया है। इसका मुख्य कारण ईरानी बंदरगाहों पर जारी अमेरिकी नाकेबंदी को बताया जा रहा है।

समुद्र में टकराव, जहाज जब्ती से बढ़ा तनाव

हालात उस समय और बिगड़ गए जब अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी मालवाहक जहाज “टौस्का” को रोककर जब्त कर लिया। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई निर्देशों का पालन न करने पर की गई। वहीं ईरान ने इसे समुद्री डकैती करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

ड्रोन हमलों के दावे, पुष्टि बाकी

ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले किए हैं, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है।

युद्धविराम की समयसीमा और बढ़ती अनिश्चितता

दोनों देशों के बीच लागू दो सप्ताह का युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वार्ता की पहल के बावजूद हालात में सुधार के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।

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शांति की राह मुश्किल

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी शर्तें अवास्तविक हैं और जब तक नाकेबंदी नहीं हटाई जाती, वार्ता संभव नहीं है। मौजूदा हालात में शांति की संभावना कमजोर दिख रही है और क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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