दिग्गज नेता केपी ओली अपनी सीट पर संकट में
काठमांडू: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव(Nepal Election) देखने को मिल रहा है। काठमांडू(Katmandu) के मेयर और मशहूर रैपर बालेन शाह की ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (RSP) सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। सिर्फ चार साल पहले बनी इस पार्टी ने स्थापित राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए 46 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 73 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बालेन शाह की पार्टी को अब तक कुल 54.8 प्रतिशत वोट मिले हैं, जो नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।
केपी शर्मा ओली की संभावित हार और भारत पर असर
भारत विरोधी रुख के लिए चर्चित पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपने ही गढ़ झापा-5 में बालेन शाह से भारी अंतर से पिछड़ रहे हैं। वर्तमान गणना(Nepal Election) के अनुसार, ओली करीब 40,000 वोटों से पीछे चल रहे हैं। ओली का हारना नेपाल की विदेश नीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि उनके कार्यकाल में भारत-नेपाल संबंधों में काफी तनाव देखा गया था। नेपाल के मतदाताओं ने इस बार अनुभव की जगह बदलाव और नए विजन को तरजीह दी है।
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यहां की जटिल चुनाव प्रणाली और मतगणना
नेपाल में 275 सदस्यीय संसद के लिए मिश्रित चुनाव प्रणाली (FPTP और प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन) का उपयोग किया जाता है। चुनाव आयोग के अनुसार, 5 मार्च को हुए मतदान में 58% वोटिंग हुई। वोटों की गिनती अभी जारी है और अंतिम परिणाम 9 मार्च तक आने की उम्मीद है। जिस तरह से बालेन शाह की पार्टी को वोट प्रतिशत मिल रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि समानुपातिक प्रतिनिधित्व वाली 110 सीटों पर भी RSP का ही दबदबा रहेगा।
नेपाल में संसद की कुल कितनी सीटें हैं और उनका चुनाव कैसे होता है?
यहां की संसद में कुल 275 सीटें हैं। इनमें से 165 सीटों पर प्रत्यक्ष चुनाव(Nepal Election) होता है, जबकि बाकी 110 सीटें राजनीतिक दलों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर चुनी जाती हैं।
केपी शर्मा ओली किस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और वहां की वर्तमान स्थिति क्या है?
केपी शर्मा ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 7 मार्च की दोपहर तक के रुझानों के अनुसार, वे बालेन शाह से लगभग 40,000 वोटों से पीछे चल रहे हैं, जिससे उनकी हार लगभग तय मानी जा रही है।
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