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International : अब पाक खोलने जा रहा है 5 खरब डॉलर का बड़ा मार्केट

Anuj Kumar
Anuj Kumar
International : अब पाक खोलने जा रहा है 5 खरब डॉलर का बड़ा मार्केट

इस्लामाबाद । पाकिस्तान का खनिज खज़ाना बेहद समृद्ध है। कोयला, तांबा, सोना, लौह अयस्क, क्रोमाइट, कीमती पत्थर और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नमक की खदानें यहां मौजूद हैं। इसके अलावा यह देश दुनिया के पांचवें सबसे बड़े कॉपर और गोल्ड भंडार का भी मालिक है। यही वजह है कि अमेरिका, चीन, सऊदी अरब, ब्रिटेन, तुर्किये और यूएई (UAE) जैसे बड़े देश इस बोली प्रक्रिया में शामिल होने को तैयार हैं। अगर यह योजना सफल रहती है तो यह पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी रेवेन्यू मोबिलाइजेशन साबित हो सकती है। न सिर्फ़ विदेशी मुद्रा भंडार मज़बूत होंगे, बल्कि पाकिस्तान (Pakistan) को वैश्विक रेयर अर्थ रेस में भी महत्वपूर्ण स्थान मिल सकता है।

पांच खरब डॉलर की इस खनिज संपदा में बोली लगा पाएगी

हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इतनी बड़ी पूंजी का प्रवाह तभी पाकिस्तान की किस्मत पलट पाएगा जब वह आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता, सुरक्षा चुनौतियों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाए। वरना यह खजाना भी देश की किस्मत नहीं बदल पाएगा। चीन, सऊदी अरब और अमेरिका (America) के अलावा ब्रिटेन, तुर्किये और यूएई भी इस दौड़ में शामिल हैं। दिलचस्प सवाल यह है कि क्या ऊर्जा और खनिज खोज में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रही भारत की ओएनजीसी जैसी सरकारी कंपनी पांच खरब डॉलर की इस खनिज संपदा में बोली लगा पाएगी।

भारत की कंपनियों के लिए बड़ा अवरोधक बन सकता है

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का भू-राजनीतिक माहौल भारत की कंपनियों के लिए बड़ा अवरोधक बन सकता है। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम के जरिए ओएनजीसी साझेदारी की राह अपनाए, तो इस दौड़ में उसकी मौजूदगी संभव हो सकती है। पाकिस्तान का यह कदम उसके आर्थिक संकट से बाहर निकलने की कोशिश है, लेकिन इसके साथ ही यह वैश्विक रेयर अर्थ रेस में उसकी स्थिति को भी मजबूत कर सकता है। पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट, कर्ज़ के बोझ और महंगाई से जूझ रहा है। हालांकि अब वह अपनी धरती के नीचे दबे खजाने को दुनिया के सामने लाने की तैयारी में है।

कीमत करीब 3 से 5 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकती है

माना जा रहा है कि पाकिस्तान के पास मौजूद रेयर अर्थ और खनिज भंडार की कीमत करीब 3 से 5 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकती है। यह रकम किसी भी संकटग्रस्त देश की किस्मत पलटने के लिए काफी मानी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए पाकिस्तान ने सभी खनिज और रेयर अर्थ साइट्स को प्रांतीय नियंत्रण से हटाकर एक केंद्रीय प्राधिकरण के तहत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसके लिए संविधान में संशोधन की तैयारी भी हो रही है, ताकि बोली और सुरक्षा मंज़ूरी की प्रक्रिया आसान हो सके। पहले चरण में चीन को गिलगित-बाल्टिस्तान में खनन अधिकार मिलने की संभावना है, जबकि अमेरिका को उत्तरी बलूचिस्तान और दक्षिणी खैबर पख्तूनख्वा की खदानों तक पहुंच मिल सकती है। वहीं, रेको डिक कॉपर-गोल्ड माइंस के लिए सऊदी अरब से समझौता लगभग अंतिम दौर में है

पाक में हिंदुओं की आबादी कितनी है?

आंकड़ों से पता चला कि ग्रामीण और शहरी आबादी की वृद्धि में बहुत अंतर है, जिसमें ग्रामीण आबादी 1.88 प्रतिशत और शहरी आबादी 3.67 प्रतिशत की दर से बढ़ी है. Hindu In Pakistan: पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 2017 में 3.5 मिलियन से बढ़कर 2023 में 3.8 मिलियन हो गई है.

पाकिस्तान का पुराना नाम क्या था?

पाकिस्तान का पुराना नाम “पाकस्तान” था. 1933 में, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्र चौधरी रहमत अली ने “पाकस्तान” नाम दिया था, जो पंजाब, अफ़गानिस्तान, कश्मीर, सिंध और बलूचिस्तान के अक्षरों को मिलाकर बना था. बाद में, मोहम्मद अली जिन्ना ने इसे “पाकिस्तान” कर दिया. 

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